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नागदा. समीपस्थ गांव रोहलखुर्द के एक २५ वर्षीय युवक को बिचौलियों के माध्यम से २ लाख रुपए में ९ दिन के लिए दुल्हन मिली। दसवें दिन दुल्हन अपने साथियों के साथ जेवर लेकर फरार हो गई। मामला ५ दिन पुराना है। पीडि़त परिवार ने लुटेरी दुल्हन एवं उसके साथियों की नामजद शिकायत सिटी पुलिस थाने में दर्ज करवाई है, लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
दुल्हे के पिता करते हैं मजदूरी
गरीबी के चलते रोहलखुर्द निवासी रामदास बैरागी के २५ वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र की शादी नहीं हो पा रही थी। इस दौरान रामदास की मुलाकात देवास जिले के गांव बलगारा निवासी पंकजपुरी नामक व्यक्ति से हुई। पंकज गिरि ने रामदास से एक लाख रुपए की व्यवस्था करने को कहा। इतना ही नहीं पंकज ने प्रकाश शर्मा एवं दो अन्य व्यक्ति जो देवास जिले के गांव बागड़दा निवासी होना बताया उनका भी साथ लेते हुए रामदास को उसके पुत्र के लिए दुल्हन ढूंढने की बात कही। शादी के बदले एक लाख रुपए नकद दुल्हन के पिता को देने एवं एक लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात देने पर सहमति बनी और २७ मार्च को २०१८ को संगीता नामक युवती से डेलनपुर हनुमानमंदिर पर वर-वधु दोनों पक्षों के लोगों के सामने विवाह संपन्न करवाया। करीब ९ दिन यानी ४ अप्रैल की रात को अचानक दुल्हन अपने सारे जेवरात व एक कीमती मोबाइल लेकर फरार हो गई। पीडि़त परिवार का कहना है, कि उनके साथ शादी के नाम पर धोखा हुआ है और दुल्हन को भगाने में उन्हीं लोगों का हाथ है, जिन्होंने शादी करवाई थी। दूल्हे के पिता रामदास बैरागी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। ऐसे में लुटेरी दुल्हन द्वारा दो लाख रुपए की चपत लगाने से दुल्हे के परिवार को आर्थिक क्षति पहुंची है। मामले को लेकर पुलिस को अभी तक किसी प्रकार की सफलता हासिल नहीं सकी है।
गर्भवती इंदौर कर दिया रेफर, रास्ते में जच्चा-बच्चा की मौत
शाजापुर. लगातार अव्यवस्थाएं और स्टॉफ की कमी जिला अस्पताल की पहचान बन चुकी है। आलम यह है कि अब तो यहां पर सीजर भी नहीं हो रहे है। दो दिन पहले एक प्रसूता को डिलिवरी के लिए यहां पर लाया गया। स्थिति गंभीर देखकर उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन देवास तक पहुंचने के पहले ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया। देवास के जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि प्रसूता के गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो चुकी है।
जिला अस्पताल में एक मात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ है। इस कारण यहां पर आने वाली ऐसी प्रसूताएं जिनके केस में सीजर की स्थिति बनती है तो उन्हें रे फर कर दिया जाता है। ऐसा ही मामला गत दिनों सामने आया। जिले के ताजपुर कालीसिंध निवासी चिंताबाई (22) पति पिंटू को डिलिवरी के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा परमार ने उसकी जांच की और उसे इंदौर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन चिंताबाई को एंबुलेंस से लेकर इंदौर जाने लगे, लेकिन रास्ते में मक्सी के पास ही चिंताबाई पूरी तरह से निढाल हो गई। इस पर उसे देवास के जिला अस्पताल में ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद चिंताबाई को मृत घोषित कर दिया। वहीं गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई।
Published on:
10 Apr 2018 08:03 pm
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