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प्रवीण नागर@उज्जैन. अक्सर बुजुर्गों को अटैक करने वाला हार्ट अब नहीं देख रहा है कि शरीर युवा है या बुजुर्ग। बदली लाइफ स्टाइल, बढ़ते तनाव, जरूरत से ज्यादा व्यायाम करना या व्यायाम बिलकुल भी नहीं करना और खान-पान के अनियमित तरीकों ने जवां दिलों में अटैक की आशंका बढ़ा दी है। शहर में पिछले एक सप्ताह में तीन युवाओं की सायलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। अचानक हार्ट अटैक से मरने वाले इन युवाओं की उम्र १९, २३ और ३० साल थी। युवाओं में अचानक आ रहे हार्ट अटैक के मामलों से चिकित्सक भी हैरान हैं। डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक का बड़ा कारण तनाव, जंक फूड व जरूरत से ज्यादा व्यायाम करना है।
दवा लेने का मौका भी नहीं मिला
सुदामा नगर निवासी भूपेंद्र (२३) पिता दिनेश गौतम ३० जनवरी को सीने में दर्द के चलते गायत्री नगर स्थित मेडिकल पर एसीलॉक टैबलेट लेने के लिए गया था। मेडिकल संचालक प्रकाश सोनी ने बताया कि वह जैसे ही गोली लेने के लिए मुड़े भूपेंद्र गश खाकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद १०८ की मदद से अस्पताल ले जाया गया जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि भूपेन्द्र की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
टीवी देखते उठा तेज दर्द
सरस्वती नगर निवासी श्रीचंद्र (३०) पिता रामगुलाब १ फरवरी रात १२ बजे घर पर ही टीवी देख रहे थे। इसी दौरान उसे सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेसुध हो गया। घटना के बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां भी डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक से युवक की मौत हुई है।
१९ की उम्र में अटैक
कानीपुरा तिरुपतिधाम निवासी विकास पिता जगदीश चौहान (१९) को ४ फरवरी तड़के सीने में दर्द उठा। परिजन जब तक विकास को अस्पताल लेकर पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक से मौत हुई है।
युवाओं में हार्ट अटैक के कारण
युवाओं में तनाव, अनियमित खान-पान, बाजार में जंक फूड लेना, शराब पीना, ब्लड प्रेशर, युवाओं का डायबिटीक होना, कसरत का अभाव या जरूरत से ज्यादा कसरत करना, वंशानुगत व ज्यादा गैस बनना प्रमुख कारण है।
अचानक अटैक आए तो ऐसे करें उपचार
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग के अनुसार साईलेंट अटैक आने पर
मरीज को लेटा दें।
उसकी जीभ के नीचे डिसप्रिन की गोली रख दें, या पानी में घोल कर दें।
मरीज की बायें तरफ की छाती ६० से ७० प्रति मिनट दबाना है। इसके बाद तुरंत हार्ट स्पेशलिस्ट को दिखाएं।
दिल को स्वस्थ्य रखने के उपाय
नियमित व्यायाम करें।
भोजन चबाकर और समय पर करें।
सिगरेट-शराब को छोड़े।
जरूरत से ज्यादा व्यायाम न करें और ज्यादा प्रोटीन पॉवडर न लें।
समय-समय पर हार्ट की जांच करवाएं।
इन संकेतों से जाने- साइलेंट हार्ट अटैक
जम्हाई आना : बॉडी में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए बार-बार जम्हाई आती है। यह प्रॉब्लम लंबे समय से है तो हार्ट अटैक का संकेत है।
पैरों में सूजन : पैरों तक ब्लड की सप्लाई ठीक तरीके से न होने के कारण सूजन आने लगती है। ऐसे में हार्ट पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
मसूड़ों में जलन : आर्टरी में रुकावट बनने वाला प्लैक मसूड़ों में जलन पैदा करता है। यह हार्ट डिसीज का संकेत हो सकता है।
कान पर सिलवट : ईयर लोव में सिलवट नजर आना फ्यूचर में हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
खर्राटे लेना : हार्ट से ब्रेन तक ब्लड सप्लाई करने वाली कैरोटिड आर्टरी मोटी और अंदर से संकरी होने से खर्राटे आते हैं यह हार्ट डिसीज का स्पष्ट संकेत है।
बांह के भीतर दर्द : हार्ट की मसल्स में पर्याप्त ब्लड सप्लाई न होने के कारण बांह के भीतर दर्द होने लगता है। यह हार्ट डिसीज का संकेत हो सकता है।
पिंपल्स न आना : जिन लोगों को यंग एज में पिंपल्स नहीं आते हैं उनमें हार्ट डिसीज की आशंका बढ़ सकती है।
विशेषज्ञ बोले...
बहुत ज्यादा व्यायाम न करें युवा
&अधिक व्यायाम करने से हार्ट के मसल्स बहुत ज्यादा स्ट्रांग हो जाते हैं यह समस्या एथलेटिक्स में ज्यादा होती है युवाओं में कईं बार वंशानुगत होने की वजह से भी हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा रहती है।
डॉ. अमित भार्गव, हृदय रोग विशेषज्ञ
३० फीसदी हार्ट पेशेंट युवा
&युवाओं में तनाव रहने लगा है जिसकी वजह से अब हृदय रोग के ३० प्रतिशत मरीजों में युवा सामने आ रहे हैं यह चिकित्सकों के लिए भी चिंता का विषय है और युवाओं के लिए भी।
डॉ. विजय गर्ग, हृदय रोग विशेषज्ञ
शहर में ६० हजार से ज्यादा दिल के मरीज
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग के अनुसार शहर में ७० से ८० हजार लोग शहर में दिल की बीमारी से पीडि़त हैं। जिनमें २ से ३ लोगों की मौत प्रति दिन हो रही है। जिसमें से एक युवा होता है।
Published on:
07 Feb 2018 05:32 pm
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