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उज्जैन के सिपाही ने यह क्या किया…बॉस्केट में 6 श्वान भरकर बस में रख दिए, भेज दिए इंदौर…

अरबिंदो के पास बस रुकवाई और एनजीओ ने पुलिस की मदद से पकड़ा।

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उज्जैन. एक सिपाही ने बस में श्वान के ६ बच्चों को बॉस्केट में रखकर इंदौर भेज दिए। पशुओं के लिए काम करने वाले एनजीओ को सूचना मिली तो पुलिस की मदद से उन्हें जब्त किया गया। सिपाही जब उन्हें लेने आया, तो लिखित में लिया गया कि वह इन्हें बेचेगा नहीं।

ड्रायवर के पास रखे थे दो बॉस्केट
्रपशुओं के लिए काम करने वाले एनजीओ को सूचना मिली थी कि उज्जैन से बस में दो बॉस्केट में श्वान के बच्चों को इंदौर लाया जा रहा है। बाणगंगा पुलिस की मदद से अरविंदो के पास बस को रुकवाया। मौके पर टीआई तारेश सोनी भी पहुंचे। ड्राइवर के पास दो बास्केट में ६ श्वान के बच्चे रखे थे। गर्मी के कारण उनकी हालत खराब थी।

ड्राइवर बोला- एक सिपाही इन्हें रख गया
बस ड्राइवर ने बताया, उज्जैन के एक सिपाही ने इन्हें रखा था। राजकुमार ब्रिज पर एक युवक इन्हें लेने वाला था। पुलिस को सूचना देकर एनजीओ उन्हें ले गया। कनाडिय़ा थाना के पास स्थित पशु थाने में उन्हें रखकर देखरेख की गई। गुरुवार को उज्जैन से सिपाही उदय यहां पहुंचा। उसने बताया, उसने ही इन्हें भेजा था।

नागदा से खरीदा था
नागदा से ४० हजार रुपए में उसने इन्हें खरीदा था। फिर बेचने के लिए इंदौर भेज दिया। एनजीओ ने उसे बताया, बिना लाइसेंस पशुओं को बेचना अपराध है। सिपाही के पास लाइसेंस नहीं था। उसे इसकी जानकारी भी नहीं थी। पहली बार ही उनसे ये सब किया है।

लिखित में लिया, समझाइश भी दी
एनजीओ ने बताया कि पहली बार ऐसे मामलों में समझाइश दी जाती है। सिपाही ने लिखकर दिया है कि वह इन्हें बेचेगा नहीं। हर १५ दिन में इनके फोटो भेजकर वह स्थिति की जानकारी देगा। इसके बाद श्वानों को उसे दे दिया गया।

महिला से चेन खींचकर भागे बदमाश को दबोचा
शाजापुर. स्थानीय बस स्टैंड पर शुक्रवार शाम को अचानक अफरा-तफरी का माहौल हो गया। यहां एक महिला के चीखने की आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने देखा कि महिला के गले से चेन खींचकर एक बदमाश भाग रहा है तो बदमाश को पकडऩे के लिए लोग उसके पीछे दौड़ पड़े। यहां मौजूद पुलिसकर्मी भी बदमाश को पकडऩे के लिए उसका पीछा करने लगे। कुछ दूर पीछा करने के बाद अन्य पुलिसकर्मी और लोगों की मदद से बदमाश को दबोच लिया। ग्राम हीरपुर टेका भरड़ की रहने वाली निवासी ज्योति (27) पति राकेश सौंधिया मायके रामपुरा मेवासा आई हुई थी। यहां से शुक्रवार को ज्योति अपने पिता और दो बच्चों के साथ शाजापुर सामान खरीदने पहुंची थी। शाम करीब 4 बजे जब अपने मायके रामपुरा मेवासा जाने के लिए ज्योति बच्चे को गोद में उठाकर बस में चढ़ी तभी एक बदमाश ने उसके गले में पहनी हुई करीब 10 ग्राम वजनी सोने की चेन खींची और भागने लगा। ज्योति ने शोर मचा दिया। बस स्टैंड पर मौजूद आरक्षक दिलीप आर्य सहित यहां मौजूद लोगों ने बदमाश को पकडऩे के लिए दौड़ लगा दी। सामने से प्रधान आरक्षक केशव तोमर और आरक्षक मुकेश पटेल आ रहे थे। लोगों का शोर सुनकर दोनों ने बदमाश का पीछा किया। कुछ दूरी पर ही पुलिस ने लोगों के मदद से बदमाश को दबोच लिया।