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उज्जैन. महाकाल के अन्न क्षेत्र और आस-पास के इलाके कीं रेस्टोरेंट -होटल क्षेत्र को स्ट्रीट फूड हब की योजना के तहत सैफ भोग प्लेस बनाने का निर्णय हुआ है। इसी क्रम में फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) द्वारा सर्टिफिकेशन जारी करने से पहले एफएसएसएआई अधिकृत ऑडिट एजेंसी ओएसिस सर्टिफिकेशन सर्विसेस नईदिल्ली ने ऑडिट के लिए महकाल अन्नक्षेत्र, लड्डू निर्माण यूनिट महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया
सेफ भोग प्लेस सर्टिफिकेशन (प्रमाणीकरण )के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा अनुमोदित ओएसिस सर्टिफिकेशन सर्विसेस नईदिल्ली केऑडिटर ओपी राणा द्वारा नोडल ऑफीसर सेफ भोग मप्र अरविंद पथरोल के साथ ऑडिट किया गया।
अपनी अनुशंसा भेजी जाएगी
ऑडिट रिपोर्ट कंपनी द्वारा आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्यप्रदेश को सौंपी जाएगी। टीम ने गुरुवार को महाकाल मंदिर अन्नक्षेत्र, लड्डू प्रसाद यूनिट एवं महाकाल मंदिर के निकटतम खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर किया। खाद्य सुरक्षा विभाग की अभिहीत अधिकारी शैली कनाश ने बताया ऑडिट एजेंसी द्वारा ऑडिट के आधार पर सेफ भोग प्लेस प्रमाणीकरण के लिए अपनी अनुशंसा भेजी जाएगी। अनुशंसा के आधार पर एफएसएसएआई द्वारा महाकाल मंदिर को सेफ भोग प्लेस का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। ऑडिट पिरक्षण के दौरान सेफ भोग प्लेस के इम्पलीमेंटेशन एवं फंडिंग पार्टनर फूड सेफ्टी सर्विसेस नागपुर के प्रतिनिधि पवन धुर्वे, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरूड़, अन्नक्षेत्र एवं लड्डू प्रसाद प्रभारी उमेश दीक्षित, अन्नक्षेत्र प्रभारी मनीष तिवारी, खाद्य सुरक्षा विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस जामोद, बीडी शर्मा, शैलेष गुप्ता, बीएस देवलिया, वर्षा व्यास, दीपा टटवाड़े, पीएल डोडियार उपस्थित थे।
गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के उद्देश्य से सेफ भोग प्रोजेक्ट
फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) खान-पान प्रतिष्ठानों के ऑडिट निरीक्षण के बाद सर्टिफिकेशन जारी करेंगी। महाकाल क्षेत्र को सेफ भोग प्लेस बनाने दिशा में महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र, लड्डू निर्माण यूनिट के सेवकों और क्षेत्र में संचालित रेस्टोरेंट -होटल के साथ खान-पान प्रतिष्ठानों में एफएसएसएआई के निर्देश और मापदंड के अनुसार ऑडिट किया गया है। एफएसएसएआई बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री प्रदान कराने के उद्देश्य से सैफ भोग प्रोजेक्ट के प्रारंभ किया गया है। सेफ भोग प्लेस इसमें खान-पान की क्वालिटी सुधारने, सफाई व अपशिष्ट के निपटान पर फोकस रहता है। एफएसएसआई से सर्टिफिकेट मिलने के बाद रेस्टोरेंट,खान-पान प्रतिष्ठानों के कर्मचारी तय ड्रेस में रहेंगे। हाथ में दस्ताने, सिर पर टोपी पहनना होगी।
मेडिकल चेकअप के बाद ही उन्हें रखा जाएगा
मेडिकल चेकअप के बाद ही उन्हें रखा जाएगा। खाने की गुणवत्ता अच्छी हो इसके लिए आरओ का पानी इस्तेमाल करना होगा। तेल, मसाले व अन्य चीजें भी एफएसएसआई मापदंड के अनुसार होंगी। पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया जाएगा। पर्यावरण फ्रेंडली डिस्पोजल का इस्तेमाल किया जाएगा। क्लीन फूड हब/सैफ भोग सेफ भोग प्लेस का लाइसेंस जुलाई तक मिलने की उम्मीद है।
यह सब व्यवस्था लागू हो जाएगी
इसके बाद यह सब व्यवस्था लागू हो जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस देवलिया के अनुसार आरओ पानी, बैठने की व्यवस्था,कर्मचारियों के लिए टोपी, दस्ताने, ट्रेनिंग की व्यवस्था एफएसएसआई और मप्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग करेगा। फाइनल ऑडिट में एफएसएसआइ के नियम, निर्देश और मापदंड पूरे होन पर सैफ भोग पैलेस सर्टिफिकेशन किया जाएगा।
Published on:
31 May 2019 07:07 am
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