
police,rural,action,nagda news,Canar,
राघवेंद्र ठाकुर. नागदा. क्षेत्र का पांच हजार की आबादी वाले गांव बेरछा के लोग पिछले २० दिनों से खेती का कार्य छोड़कर ३०० लोग गांव की चोरों से सुरक्षा कर रहे है। इस गांव में चोरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि यहां बैखोफ होकर गांव में चोरी की वारदात को अंजाम देने से बाज नहीं आते है। इसलिए ग्रामीणों ने रातभर जागकर गांव की सुरक्षा का जिम्मा लिया है।
जब पत्रिका संवाददाता बेरछा गांव पहुंचा तो वहां रात करीब १२ बजकर १० मिनट बजे अलग-अलग स्थानों पर गु्रप में ग्रामीण पहरा लगा रहे थे। हालाकि रात्रि के समय पुलिस भी गश्त के दौरान गांव पहुंचती है, लेकिन थानों में बल की कमी के कारण गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी गांव के युवाओं ने ली है। बेरछा के संजय जैन, गजराजसिंह, कन्हैयालाल परिहार, गोवर्धन परिहार ने बताया कि करीब ३०० लोग रात भर जागकर गांव की सुरक्षा कर रहे है। ऐसे में ग्रामीणों ने ४० से ५० लोगों की टोलियां बनाई है, जिससे गांव के अलग-अलग स्थानों पर गश्त लगाकर गांव की सुरक्षा कर रहे है।
गश्त कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वारदात करने के लिए कंजर (चोर) भी आ रहे है, लेकिन गांव में ग्रामीणों को गश्त करता देख भाग जाते है।
भाजपा नेता भी हो चुके हैं शिकार
पिछले दिनों वरिष्ठ भाजपा नेता को भी कंजरों से अपना टैक्टर को छुड़ाने के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ी थी। बताया जा रहा है कि कंजर भाजपा नेता के गांव से टैक्टर चुरा कर ले गये थे। लेकिन इसकी शिकायत पुलिस मे करने की बजाए नेताजी ने मध्यस्थ के माध्यम से कंजरों से सम्पर्क किया और अपना टैक्टर वापस लाने में सफल हुए थे। इसके लिए नेताजी को 50 हजार रू. कंजरों को चुकाने पड़े थे।्र
क्षेत्र में भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं-पुलिस सूत्रो की माने तो ऐसी आधा दर्जन से ज्यादा घटनाएं शहर के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में हो चुकी है।
जिसमें कंजरों द्वारा चोरी की वारदातों की शिकायत संबंधित व्यक्ति ने पुलिस को नहीं की और बाले- बाले ही दलालो के माध्यम से कंजरों को मोटी रकम चुकाकर अपना सामान वापस ले लिया गया है। इसमें ज्यादातर मामले टैक्टर चोरी के बताये जा रहे है।
इन गांव में भी शुरू हुई गश्त-कंजरों से परेशान बेरछा गांव के युवाओं ने रात्रि गश्त शुरू करने के बाद आसपास के पनवाड़ा, राजगढ़, टूटियाखेड़ी, रजला, मंडावल गांव के युवाओं ने भी गांव में रात भर जागकर गश्त लगा रहे है।
वसूलते हैं मोटी रकम-जानकारो की माने तो पुलिस से पकड़े जाने के डर से कंजरों ने चोरी के सामान को बेचने की बजाए उसी व्यक्ति को सामान को सौदा करने में ज्यादा विश्वास रखते है। जिसके यहां से सामान चुराया गया है। और कंजरों के दलाल यह काम करते है। अगर किसी किसान का टैक्टर चोरी हो जाता है तो दलाल किसान से चोरी गया टैक्टर वापस लाने की बात कह कर पहली शर्त रखता है कि वह इसकी रिपोर्ट पुलिस को नहीं करेगा। अगर किसान मान जाता है तो दलाल किसान और कंजरों के बीच टैक्टर वापस करवाने का सौदा तय करवाता है। और अगर सौदा हो जाता है तो कंजर उसे वापस उसका टैक्टर लौटा देते है।
पहले चोरी, फिर सामान लौटाने का लेते हैं दाम
लूट और डकैती के लिए बदनाम हो चुके कंजरों ने अब अपराध करने का तरीका बदल लिया है। कंजर अब उन गांवों में चोरी की वारदात नहीं करते जहां के ग्रामीणों द्वारा उन्हे नेपा यानी वारदात नहीं करने के एवज में फिरोती दी जाती है। फिरौती की रकम दलालों के माध्यम से तय होती है। जिस ग्रामीण या किसान के पास जितनी जमीन यानी कि जिसके पास जितने बीघा होती हैं, उस किसान को तय कीमत के हिसाब से प्रति बीघा नेपा टैक्स कंजरों को चुकाना होता है। अगर नेपा टैक्स के लिए ग्रामीण मान जाते है तो उस गांव में कंजर वारदात नहीं करते है। हालांकि कंजर नेपा टैक्स उसी गांव और किसान से मांग करते है जहां के किसान सक्षम होते है। जैसा की इन दिनो समीपस्थ गांव बेरछा में देखा जा रहा है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि बेरछा के सक्षम लोगों से भी दलालों के माध्यम से कंजरों द्वारा कुछ दिनों पूर्व नेपा टैक्स यानी फिरौती देने की सूचना दी गई थी, लेकिन जब गांव वालों ने उनकी मांग को ठुकरा दिया तो अब वह आये दिन गांव में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे है।
भय के साये में जी रहे ग्रामीण
नागदा से ८ किमी दूरी पर स्थित बेरछा गांव। यहां के ग्रामीण इन दिनों भयजदा हैं क्योंकि यहां कंजर (चोर) बैखोफ आकर चोरी की वारदात को अंजाम देकर जा रहे हैं। ऐसे में गांव में वारदात को रोकने के लिए ग्रामीणों ने खुद ही रातभर जागकर गश्त लगाना शुरू किया है। यह वारदात इसलिए हो रही है कि इस गांव के लोगों ने कंजर (चोर) को नेपा (फिरौती) नहीं दी। सोचनी वाली बात यह है कि इतना सब होने के बाद भी पुलिस चोरों को पकड़ नहीं पा रही है। १४ दिन पूर्व इस गांव में कंजरों ने घावा बोला था। यह कंजर (चोर) जिस व्यक्ति के यहां चोरी करते है उसी को चोरी का सामान लौटाकर मोटी रकम दलाले के मार्फद बसूलते है। ऐसा नहीं कि इस बात की जानकारी पुलिस को नहीं है! पिछले दिनों पुलिस ने राजस्थान के चौमहला थाना क्षेत्र के कंजर डेरों में दबिश दी थी, लेकिन उन्हे वहां कोई संदिग्ध नहीं मिला। वहां से चार बाइक जब्त की। इस कार्रवाई में करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस साथ थी। हालांकि चोरी की वारदात के बाद से पुलिस रात के समय कभी कभार गश्त करती है।
इसके बाद ६ दिन पूर्व फिर कंजर (चोर) बेरछा पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता के चलते उन्होंने पुलिस को सूचना दी और पुलिस के मौके पर पहुंचते ही चोर भाग खड़े हुए। सोमवार रात की बात करें तो गांव में ग्रामीणों ने चंदन चोर को चोरी करते देखा ओर उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने ग्रामीण पर कुल्हाड़ी से हमले का प्रयास किया था। लगातार हो रही वारदात को लेकर ग्रामीण थाने में पहुंचकर हंगामा किया था। पुलिस को चाहिए कि गश्त कर गांव में हो रही चोरी की वारदात पर अंकुश लगाए। जिससे आमजन पर विश्वास ओर अपराधियों में डर स्लोग सही साबित हो सकें।
२७ जुलाई : बेरछा में चोरी की वारदात को लेकर ज्ञापन दिया।
३ अगस्त : उद्योग के केमिकल उद्योग में वायर फेंसिंग काटकर बदमाश अंदर घुस गए। हवाई फायरिंग करने पर भाग गए थे।
४ अगस्त : आधा दर्जन थानों की पुलिस ने कंजर डेरों में दबिश दी।
५ अगस्त : बेरछा गांव में फिर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे कंजर, पुलिस के पहुंचने पर भाग गए थे।
गश्त लगा रहे है
&कंजरों द्वारा चोरी किए गए सामान को दलालों के माध्यम से मोटी रकम देकर सौदा कर छुड़वाने की खबर मिल रही हैं। लेकिन इसकी अभी तक थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। पुलिस रात के समय बेरछा गांव जाकर गश्त लगा रही है।
हेमंत जादौन, एएसआइ
Published on:
11 Aug 2018 08:02 am
बड़ी खबरें
View Allउज्जैन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
