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उज्जैन में विश्व का पहला मंदिर, जहां पुजाते हैं भाई-बहन

10 अपै्रल को होगा प्रतिमाओं का प्राण-प्रतिष्ठा व अनावरण समारोह

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Lalit Saxena

Apr 08, 2016

brother-sister temple in Ujjain

brother-sister temple in Ujjain

उज्जैन (ललित सक्सेना). भगवान महाकाल की नगरी वैसे ही मंदिरों की राजधानी नहीं कहलाती। यहां ऐसे अनेक मंदिर हैं, जो अपने आपमें अनूठी पहचान रखते हैं। ऐसा ही एक मंदिर इस धर्म की राजधानी में बनकर तैयार हुआ है, जहां भाई-बहन की मूर्तियों का पूजन किया जाएगा।

विश्व का प्रथम भाई-बहन प्रेम मंदिर का निर्माण आस्था गार्डन के पीछे नए ब्रिज के पास जीवनखेड़ी गांव में किया गया है। सोहम सामाजिक कल्याण समिति जीवनखेड़ी के संस्थापक डॉ. कैलाशचंद्र नागवंशी ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व में विश्व के प्रथम भाई-बहन मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा व मूर्ति अनावरण समारोह 10 अपै्रल सुबह 11 बजे होगा। इस मौके पर भागवत कथा का आयोजन भी किया जाएगा जो पं. रामानंद शर्मा द्वारा 22 से 29 अपै्रल तक कही जाएगी।

जानिए कौन हैं भाई-बहन
भगवान गणेशजी के पुत्र शुभ और लाभ दोनों रक्षाबंधन वाले दिन पिता से जिद कर बैठे कि उन्हें भी राखी बंधवानी है, लेकिन किससे बंधवाएं, हमारी तो कोई बहन नहीं है। दोनों पुत्रों की विनती सुनकर गौरी पुत्र गणेश ने कहा कि तुम शोक मत करो, मैं अभी तुम्हें बहन प्रदान करता हूं, तब गणेशजी ने त्रिशूल से मां संतोषी को प्रकट कर शुभ-लाभ के लिए रक्षाबंधन के दिन उनसे दोनों पुत्रों को राखी बांधने का कहा। इस प्रकार माता संतोषी शुभ और लाभ की बहन हुई। इन्हीं भाई-बहन का ये मंदिर उज्जैन में तैयार किया गया है।

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