
Today Fun at Work Day
नागदा. शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली नागदा नगरपालिका एक बार फिर अधिकारियों की कार्यप्रणाली के चलते विवादों में घिर गई है। विवाद दो दिन बाद होने वाली पीआइसी की बैठक में रखे प्रस्ताव को लेकर है। दरअसल 5 नवंबर को पीआइसी की बैठक रखी गई है। इसमें नगर विकास के कार्य सहित करीब
44 प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल किया गया है। विवाद दूसरे नबंर पर रखे प्रस्ताव को लेकर है। चंबल तट स्थित छट घाटों की व्यवस्था जुटाने पर विचार-विमर्श करने की बात कही गई है। हैरानी की बात तो यह है कि जिस पर्व को मनाने के लिए घाटों पर व्यवस्था जुटाने का प्रस्ताव बैठक में रखा जाना है। उक्त पर्व रविवार यानी आज सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यह समझ नहीं आ रहा कि जिस पर्व का रविवार को उगते सूरज को अद्र्ध देने के साथ ही समापन हो जाएगा। उसकी तैयारियों का प्रस्ताव दो दिन बाद यानी 5 नवंबर को पीआईसी की बैठक में लाकर जिम्मेदार क्या संदेश देना चाह रहे हैं। मामले में जब नपाध्यक्ष से पूछा गया तो उनका कहना था 20 दिन पूर्व ही बैठक का एजेंडे में शामिल सभी प्रस्ताओं की जानकारी दे दी गई थी। छट पर्व को देखते हुए ही घाटों की सफाई व अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रस्ताव को शामिल किया गया था, लेकिन सीएमओ ने जानबूझकर बैठक पर्व के बाद रखी।
हालांकि सीएमओ सतीश मटसेनिया का मामले में कहना है कि एजेंडा टाइप करने वाले कर्मचारी की गलती के कारण ऐसा हुआ है। पीआइसी की बैठक में जो भी व्यवस्था नपा द्वारा घाटों पर जुटाई गई थी उसका अनुमोदन करने का प्रस्ताव रखा है। न की घाटों पर व्यवस्था जुटाने का। कर्मचारी एजेंडे में अनुमोदन शब्द नहीं लिखने से गफलत हुई है।
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अयोध्या फैसले के पूर्व अलर्ट प्रशासन, बैठकों का दौर जारी
सोशल मीडिया पर भी सख्ती जरूरी
नागदा. देशभर में अयोध्या मामले के फैसले की सुगबुगाहट है। इसे लेकर सुरक्षा प्रबंधों और कानून व्यवस्था को लेकर कवायद शुरू हो गई है। शनिवार को एएसपी अंतरसिंह कनेश ने 7 थाना प्रभारियों की बैठक लेकर हिदायत बरतने के निर्देश जारी किए। इस माह सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाएं रखना चुनौतीपूर्ण काम है।
इन स्थिति में शहर में सामने आ रहे अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच विवाद, अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच हुई विवादों की आरोपितों के पुलिस के हाथ नहीं लगना, धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ और सोशल मीडिया पर की जारी विवाद पोस्ट व कमेंट चिंता का विषय एवं विवाद का कारण बन सकते हैं। खास बात यह भी है कि शहर में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिनकी शुरुआत छोटे झगड़ों से हुई किंतु उन्होंने बड़ा रूप लिया।
इन मामलों में विवाद के बड़ा रूप लेने का एक कारण पुलिस की सुस्ती और ठोस कार्रवाई का अभाव भी माना जा रहा है। शहर के दोनों थाना क्षेत्रों में सामने आए अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच विवाद के कई मामले ऐसे हैं। इनमें पुलिस अब तक आरोपितों को नहीं पकड़ पाई है।
सबसे ताजा मामला तीन माह पहले थाना से महज कुछ ही दूरी हुआ चाकूबाजी की घटना का था। उसके बाद शहर में उपद्रव के हालात भी निर्मित हुए जिसके चलते शहर भी बंद रहा।
मामले में पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों पर केस दर्ज किए, किंतु मुख्य आरोपी अब तक फरार हैं। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास करती दिखाई नहीं दे रही है जबकि इसी विवाद में पुलिस के जवानों को भी चोट आई थी।
लगातार बैठकों का आयोजन
संभावित फैसले और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी ली जा रही है। इसके पहले जिले में आहूत हुई बैठक में सभी थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए गए थे।
जानकारी के अनुसार फैसला आने और उसके बाद बनने वाली स्थितियों से निपटनले के लिए प्रशासन ने तैयारियों प्रारंभ कर दी हैं।

Published on:
03 Nov 2019 08:02 am
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