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यह है लाइफ सेविंग एंबुलेंस, जानें क्या है इसकी खासियत

गंभीर मरीजों को नहीं होगी परेशानी, आज से मिलेगी यह सुविधा

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District Hospital,

उज्जैन. गंभीर मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए जिले को एक और लाइफ सेविंग एंबुलेंस दी गई है। इसका संचालन महिदपुर तहसील में किया जाएगा। जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने के लिए लाइफ सेविंग एंबुलेंस उपलब्ध है, लेकिन इस एंबुलेंस का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को लाने के लिए नहीं किया जा सकता है, जिसके चलते जिले में एक और लाइफ सेविंग एंबुलेंस का संचालन शुरू किया गया है। १०८ एंबुलेंंस के जिला प्रभारी निखिल मिश्रा ने बताया कि महिदपुर तहसील में इस एंबुलेंस का संचालन शनिवार से शुरू किया जाएगा। शुक्रवार शाम इसका विधिवत उद्घाटन किया गया। फिलहाल जिले में १३ बीएलएस १०८ एंबुलेंस संचालित हैं। इसके अलावा दो लाइफ सेविंग एंबुलेंस हो गई हैं। एक लाइफ सेविंग एंबुलेंस को जिला अस्पताल से संचालित किया जा रहा है, जबकि दूसरी एंबुलेंस को महिदपुर से संचालित किया जाएगा, जो आसपास के पूरे क्षेत्र को कवर करेगी।
लाइफ सेविंग एंबुलेंस की ये है खासियत
लाइफ सेविंग एंबुलेंस में वेंटिलेटर, मॉनिटर, मल्टी पैरा मॉनिटर, ऑटोमेटिक एक्टर्नल डिफेब्यूलेटर, इंफ्यूजन पंप सहित अन्य सुविधाएं होती हैं। जो गंभीर हृदयघात के मरीज, दुर्घटना में गंभीर घायल आदि के लिए उपयोगी है। इस एंबुलेंस को महिदपुर थाने पर रखा जाएगा। यहां से झारडा, माकड़ौन आदि क्षेत्रों तक जाएगी।
१०२ लाइफ सेविंग खा रही धूल
तीन महीने पहले जिला अस्पताल प्रबंधन को १०२ इमरजेंसी नंबर के साथ दो लाइफ सेविंग एंबुलेंस दी गई थी, लेकिन इसका संचालन अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इनमें से एक एंबुलेंस को जिला अस्पताल स्थित गैराज में सुरक्षित खड़ा कर दिया गया है। जबकि दूसरी धूल खा रही है।
जिले में अब दो लाइफ सेविंग एंबुलेंस हो गई है। एक और लाइफ सेविंग एंबुलेंस का प्रयास कर रहे है। जिसे किसी अन्य तहसील में रखा जाएगा। एएलएस एंबुलेंस से कार्डियेक अरेस्ट और दुर्घटना में हेड इंज्यूरी वाले घायलों को फायदा मिलता है। उन्हें मौके से ही उपचार मिलना शुरू हो जाता है, जिससे मौत की संभावना कम हो जाती है।
डॉ. राजू निदारिया, सीएमएचओ