नागदा. सिर्फ पौधे लगाना मायने नहीं रखता है, इनका बेहतर रख-रखाव भी जरूरी है, क्योंकि ये जब हमारे घर-आंगन में रोपे जाते हैं तो गिनती परिवार के सदस्य की तरह होती है….शहर के सुनीर नगर में रहने वाले शिक्षक शारदा प्रसाद पांडे ने इस बात को सार्थक किया हैं। लगातार 7 वर्षों से पौधों की देखभाल कर रहें शारदाप्रसाद ने अपना तन-मन के साथ अब धन भी इन पौधों की सुरक्षा पर न्यौछावर कर दिया है। लोग तो अपने अतिरिक्त प्लॉट या जमीन पर निवेश करने की सोचते हैं, लेकिन शारदाप्रसाद ने अपने मकान के सामने स्थित अपने 50 बाय 100 का प्लॉट पेड़-पौधों के नाम कर दिया।
12 फरवरी 2016 से उन्होंने अपने इस प्लॉट को हरा-भरा करने का संकल्प लिया। जिसकी तरफ वे अग्रसर है और अब उन्होंने इन पेड़ पौधों की सुरक्षा पर तीन लाख रुपए खर्च करके पक्की बाउंड्रीवॉल खड़ी कर ली हैं। प्लॉट में विकसित किए गए इस बगीचे में जाने के लिए बकायदा लोहे का गेट भी बनाया गया है। शारदा प्रसाद ने अपने इस प्लॉट में विभिन्न प्रजातियों के फलदार, फूलदार पौधे लगाएं हैं। हाल ही में उन्होंने केरल से भी पौधे मंगवाकर लगाएं हैं।
2024 में नौवां जन्मदिन मनाएंगे
12 फरवरी 2016 से शारदाप्रसाद ने अपने प्लॉट में पौधे लगाने की शुरुआत की थी। तब ही से वे हर साल इसी तारीख को पौधों का जन्मदिन भी मनाते हैं। आगामी 12 फरवरी 2024 को शारदाप्रसाद अपने इन पेड़-पौधों का 9वां जन्मदिन मनाएंगे। बकौल शारदा प्रसाद पहले बीसीआई स्कूल में शिक्षक रह चुके हैं, वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने अपने शिक्षक होने का फर्ज अदा करने के साथ इन पौधों की देखभाल भी की। कुछ समय के लिए वे नागदा से बाहर रहें, लेकिन पौधों की देखभाल के लिए उन्होंने मजदूर रखा।
केमिकल की बजाय जैविक खाद का उपयोग
शारदाप्रसाद ने अधिकांश समय इन पौधों को ही देते हैं। केमिकल युक्त खाद का उपयोग करने की बजाय जैविक खाद डालते हैं। इनके बगीचे में लगे आम, चीकू तो बड़े होकर लूमट रहे हैं। संतरे के आकार के नीबू, चीकू, अनार, शुगर फ्री अमरूद की बहार सी आई हैं। सब्जियां, फूलदार पौधों की भी महक हैं।