23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उज्जैन

मनुष्य जीवन में सुख प्राप्त करने के लिए अंतरमन में धर्म संस्कारों की वृद्धि करें : परमेश्वरी दीदी

श्री लवखेड़ी हनुमान मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा

Google source verification

नजरपुर. श्री लवखेड़ी हनुमान मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा के आठवें दिन भी हजारों श्रद्धालुओं ने श्री रामकथा का श्रवण कर जीवन जीने की शैली को धर्म जागरण के प्रति सार्थक बनाने का प्रयास किया। सोमवार को धूमधाम से श्री रामकथा का शोभायात्रा के साथ विश्राम होगा।
कथावाचक साध्वी परमेश्वरी दीदी ने श्री रामकथा के सारांश की व्याख्या करते हुए बताया, मनुष्य जीवन में सुख प्राप्त करने के लिए अपने अंतरमन में धर्म संस्कारों की वृद्धि करें। आज का मानव अपना जीवन तो जी रहा है, लेकिन उसके अंदर धर्म संस्कार खत्म होते जा रहे हैं। जिससे उस मानव का जीवन जीना व्यर्थ है। यह मानव जीवन जीना ही है तो अपने अंतरमन को परमात्मा जैसा कोमल बनाओ, मुलायम बनाओ, क्रोध का विनाश करो, कुसंगतियों का विनाश करो, त्याग करो, तपस्या करो। तब जाकर ही हमारा यह मानव जीवन सुखमय बन पाएगा। कथा के चलते श्री लवखेड़ी धाम में भव्य धर्मशाला, चद्दर शेड एवं बाउंड्रीवॉल के निर्माण के लिए सांसद अनिल फिरोजिया ने 39.90 लाख, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि ईश्वर सिंह कराड़ा ने जनपद निधि से 5 लाख, मदनलाल राठौर ने 1 लाख 11 हजार, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शिवलाल बोराना ने 1 लाख रुपए एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार काबरा ने 11 हजार रुपए भेंट किए। कथा समापन बाद आरती कर प्रसादी वितरण किया। इस मौके पर जावित्रीदेवी फिरोजिया, रेखा रत्नाकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सरसंघचालक योगेन्द्र राठौड़, गौरक्षा प्रांत प्रमुख महेंद्रसिंह डोडिया, जनजाति सेवा समिति सचिव महेश गौड़, वरिष्ठ भाजपा नेता मदनलाल राठौर, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ जिला सह-संयोजक रखबचंद्र जैन, भाजपा जिला कार्यालय मंत्री सुमेरसिंह कालुहेड़ा, गोकुलप्रसाद मालवीय, बीआरसीसी डॉ. ईश्वर शर्मा, एडवोकेट् महिपालसिंह चौहान, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि ईश्वरसिंह कराड़ा, युवा मोर्चा पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह जलवा, धर्मेंद्रसिंह सोलंकी, अक्षय गर्ग, गोविंद शर्मा, दिपांशु जैन सहित सैंकड़ों श्रद्धालुजन आदि मौजूद थे।