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उज्जैन. जिस तरह फिल्म थ्री इडियस में रेंचो का किरदार निभा रहे आमिर खान ने वीडियो कॉलिंग के जरिए महिला की डिलीवरी करवाई थी, इसी तरह की सुविधा जिले के सरकारी अस्पतालों में मिलेगी, हालांकि इसमें डिलीवरी तो नहीं होगी लेकिन उपचार का तरीका फिल्म की तरह ही होगा । जिले के दूरस्थ गांवों में निवासरत हाई रिस्क गर्भवती महिलाआंे को अब चरक अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें प्राथमिक उपचार केंद्र पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक ट्रीटमेंट उपलब्ध करवाएंगे। इसके लिए जिले की सभी एएनएम को टैबलेट फोन वितरित किए जाएंगे।
जिले में ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर शासकीय अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों तक पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को संसाधन एवं सुविधाओं के अभाव में उपयुक्त उपचार नहीं मिल पाता है। जिसके चलते उन्हें ब्लॉक में संचालित सामुदायिक अस्पताल में चक्कर लगाने पड़ते हैं। यहां पर महिला रोग विशेषज्ञ के अभाव में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को चरक अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। जिससे हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को दूरस्थ गांवों से चरक अस्पताल तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। गर्भवती महिलाओं को इस परेशानी को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार की है। जिसके शुरू होने के बाद महिलाओं को गांवों में ही विशेषज्ञ चिकित्सक ऑनलाइन उपचार उपलब्ध करवाएंगे। योजना के अंतर्गत जिले में पदस्थ सभी एएनएम को टैबलेट फोन उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिन पर वे हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को वीडियो कॉल के जरिए महिला रोग विशेषज्ञ से उपचार उपलब्ध करवाएंगी। इसके साथ ही वे हाथोंहाथ महिलाओं से संबंधित उपचार, करवाई गई जांच, महिला के संबंध में अन्य जानकारी को भी ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपलोड कर सकेगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर देंगे दवाइयां
योजना के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वितरित की जाने वाली दवाइयों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब की गई दवा गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र पर ही मिल जाए। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल आयरन, केल्शियम सहित वायरल बीमारियों से संबंधित दवाइयां ही मिलती हैं।
अस्पताल आकर नहीं बनाना पड़ेगा भर्ती पर्चा
योजना में प्रसूता पीड़ा शुरू होने के बाद गर्भवती महिला को घर से ही उपचार शुरू किया जाएगा। प्रसूता पीड़ा शुरू होने के बाद जननी १०८ एंबुलेंस पहुंचने और वहां से समीपस्थ अस्पताल, डिलेवरी पाइंट या चरक अस्पताल तक पहुंचने तक लगने वाले समय का उपयोग किया जाएगा। जिसके तहत संबंधित एएनएम और एंबुलेंस में पदस्थ स्टाफ अस्पताल पहुंचने के पूर्व ही संबंधित को सूचना कर देगी। महिला को कब-कब क्या-क्या उपचार दिया गया इन सबकी डिटेल ऑनलाइन कर दी जाएगी। महिला की वर्तमान स्थिति, नार्मल डिलेवरी की संभावना, सीजेरियन ऑपरेशन के चांस आदि के बारे में पहले संबंधित अस्पताल के डॉक्टर्स को जानकारी मिल जाएगी। अस्पताल पहुंचने के पूर्व प्रसूता पीड़ा के दौरान भर्ती पर्चा बनवाने सहित अन्य प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अस्पताल पहुंचते ही डिलिवरी की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
इसी महीने वितरित करने की योजना
सीएमएचओ डॉ.राजू निदारिया ने बताया टैबलेट फोन इसी महीने वितरित करने के प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए एएनएम को टे्रनिंग देने के लिए तिथि निर्धारण कर रहे हैं। जिले की कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ एएनएम को ये टैबलेट वितरित करने की आवश्यकता है इसकी सूची तैयार कर रहे हैं।
Published on:
04 Aug 2018 08:03 am
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