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दो स्कूल बस में भिड़त – पीछे से मारी टक्कर, बच्चे घायल 

ज्ञानसागर की बस ने विद्या भवन की बस को मारी टक्कर, पलटी, 35 बच्चे सवार थे ज्ञानसागर की बस में, विद्या भवन का स्टाफ हुआ चोटिल

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Rishi Sharma

Jul 15, 2017

Two school bus collides, injured students

Two school bus collides, injured students

उज्जैन. शनिवार सुबह 7.30 बजे फ्रीगंज स्थित घांसमंडी चौराहे पर गंभीर हादसा टल गया। 35 बच्चो को ले जा रही ज्ञानसागर की बस ने विद्या भवन की बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दुर्घटना में विद्या भवन की बस पलटी खा गई। विद्या भवन की बस में स्कूल का स्टाफ मौजूद था। जिसे दुर्घटना के बाद घायलों को माधव नगर अस्पताल ले जाया गया। मामले में पुलिस ज्ञानसागर स्कूल की बस चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

ज्ञानसागर की बस ने पीछे की तरफ से विद्या भवन की बस
शनिवार सुबह इंदौर रोड स्थित विद्या भवन की बस क्रमांक एमपी 13 पी 0351 शहीद पार्क से लक्ष्मी नगर की तरफ जा रही थी तभी देवास रोड स्थित ज्ञानसागर गल्र्स अकादमी की बस क्रमांक एमपी 13 पी 0262 जो कि जीरो पाईंट से कंट्रोल रूम की तरफ जा रही थी ने इसे घांसमंडी चौराहे पर टक्कर मार दी। ज्ञानसागर की बस ने पीछे की तरफ से विद्या भवन की बस को टक्कर मारी। जिसे वह पलट गई। दुर्घटना में विद्या भवन की बस में सवार स्टाफ राजेश पिता रामलाल निवासी पांड्याखेड़ी, राकेश पिता चंद्रशेखर निवासी ढांचा भवन, पिंकी पिता कन्हैया निवासी नयापुरा, खुशबू पिता मोहन, कीर्ति पति नीलम कुमार निवासी केशरबाग कॉलोनी, श्रवण पिता राजपाल निवासी बुधवारिया, अजय पिता मनोहर एवं गरिमा पति जितेंद्र निवासी नीलगंगा घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ज्ञानसागर स्कूल बस के चालक प्रकाश भाटी निवासी हामूखेड़ी को गिरफ्तार कर लिया। बस को जब्त कर लिया गया है।

अंधाधुंध गति से चला रहा था बस
विद्याभवन स्कूल के बस चालक ऋषि कुमार ने बताया कि ज्ञानसागर की बस अंधाधुंध गति से आ रही थी। यदि बस की गति नियंत्रित होती तो दुर्घटना होती ही नहीं। चौराहे पर भी चालक ने गति को कम करने की जहमत नहीं की। इसी वजह से उसका ध्यान विद्या भवन की बस पर नहीं गया। दुर्घटना के बाद बस इतनी तेज गति से पलटी खाई कि गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

खतरे में नौनिहालो की जान
गौरतलब है कि शहर के दो दर्जन से अधिक स्कूलो की करीब 200 से अधिक बसे शहर में रोजाना बच्चो को लाने ले जाने का काम करती है। इंदौर रोड, देवास रोड पर ये बसे अंधाधुंध गति से दौड़ती है। चालको की लापरवाही के चलते पूर्व में महानंदा नगर निवासी नौनिहाल को जान गंवाना पड़ी थी। लेकिन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।