
माता की प्रतिमा विसर्जन करने गए थे युवक
शाजापुर. शहर में मंगलवार को दशमी के अवसर पर भी विभिन्न संगठनों की ओर से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसी क्रम में शहर के नाथवाड़ा क्षेत्र में से विराजित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए दोपहर में चल समारोह निकाला गया। शहर में भ्रमण के बाद उक्त चल समारोह ग्राम करेड़ी पहुंच मार्ग स्थित लखुंदर नदी की जादमी पुलिया पर पहुंचा। यहां पर प्रतिमा विजर्सन के बाद एक किशोर और एक युवक पानी में कूद गए। वे तैरकर किनारे आ रहे थे, तभी अचानक दोनों पानी में बह गए। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग यहां पर एकत्रित हो गए। इधर कुछ देर बाद होमगार्ड का रेस्क्यू दल भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद नाव की मदद और गोताखोरों ने दोनों को तलाशना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घटना स्थल से करीब 20 फीट दूर युवक का शव बरामद हो गया। वहीं किशोर की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शहर के नाथवाड़ा क्षेत्र में नवरात्रि के अवसर पर पांडाल तैयार कर माता की प्रतिमा को स्थापित किया गया था। नौ दिनों यहां पर विधि-विधान से माता का पूजन किया गया। इसके बाद मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर यहां से माता की प्रतिमा विसर्जन के लिए चल समारोह निकाला गया। दोपहर को उक्त चल समारोह शहरभर में भ्रमण के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए दोपहर करीब 2.30 बजे लखुंदर नदी की जादमी पुलिया पर पहुंचा। इसी चल समरोह के साथ नाथवाड़ा निवासी रोहित (16 ) पिता विक्रम योगी और जितेंद्र (32) पिता रूपनाथ योगी भी शामिल होकर जादमी पुलिया पर पहुंचे थे। यहां पर प्रतिमा के विसर्जन के बाद रोहित और जितेंद्र नदी में नहाने के लिए कूद गए। लोगों के अनुसार दोनों को तैरना आता था। ऐसे में दोनों तैरकर किनारे पहुंच रहे थे, तभी अचानक दोनों पानी में ही डूब गए। लोगों ने देखा तो यहां पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने दोनों की तालश शुरू कर दी।
रेस्क्यू दल ने नाव और गोताखोर की मदद से की तलाश-दो लोगों के नदी में डूबने की सूचना मिलने के बाद होमगार्ड कमांडेंट विक्रमसिंह मालवीय अपने साथ रेस्क्यू दल और संसाधन लेकर मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही रेस्क्यू दल ने दोनों की तलाश शुरू कर दी। गोताखोर पानी की गहराई में दोनों की तलाश करने लगे। वहीं नाव की मदद से नदी के बीच में तलाशना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घटना स्थल से करीब 20 फीट दूर जितेंद्र का शव बरामद हो गया। नाव की मदद से उसके शव को किनारे पर लाया गया। यहां से शव विच्छेदन के लिए जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया। वहीं रोहित की तलाश समाचार लिखे जाने तक जारी थी।
अधिकारी भी पहुंचे
जादमी पुलिया से लखुंदर नदी में दो लोगों के डूबने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर डॉ. वीरेंद्रसिंह रावत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व यूएस मरावी, तहसीलदार सत्येंद्र बैरवा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने यहां पर चल रहे रेस्क्यू अभियान की स्थिति का जायजा लिया। वहीं मौके पर एकत्रित हुई भीड़ को भी पुलिसकर्मी दूर करते रहे।
जननी वाहन को रोककर उतारा जच्चा-बच्चा को और शव को भेजा जिला अस्पताल
मौके पर जैसे ही जितेंद्र का शव पानी से बाहर निकाला गया तो यहां पर खड़े लोग उग्र हो गए। तत्काल एंबुलेंस को बुलाकर उसे जिला अस्पताल ले जाने की मांग करने लगे। इसी दौरान जिला अस्पताल से एक जननी वाहन जच्चा-बच्चा को लेकर उनके गांव छोडऩे के लिए जा रहा था। इस वाहन को एंबुलेंस समझकर लोगों ने रोक लिया। जब वाहन चालक ने कहा कि वो जच्चा-बच्चा को छोड़कर वापस आ रहा है, तो लोगों ने उसकी एक न चलने दी और वाहन में सवार जच्चा-बच्चा व परिजनों को उतार दिया। इसके बाद उक्त जननी वाहन में जितेंद्र के शव को जिला अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिसकर्मियों ने डॉयल-100 वाहन से जच्चा-बच्चा को उसके गांव पहुंचाया।
Published on:
09 Oct 2019 12:40 am
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