
elevated corridors
MP News:एमपी में उज्जैन शहर के दो प्रमुख मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। इसमें पहला कॉरिडोर मकोडिया आम चौराह से शुरू होकर देवासगेट, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज से मिलेगा। दूसरा कॉरिडोर निकास चौराहे से शुरू होकर दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट पर मिलेगा। दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर लोक निर्माण विभाग फिजिकल सर्वे कर रहा है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कॉरिडोर बनाने का फैसला होगा।
महाकाल लोक के बाद शहर के ट्रैफिक में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खासकर शहर के दो मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। इसमें निकास चौराहे से कंठाल, नई सडक़, फव्वारा चौक, दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट तक का मार्ग व्यावसायिक होने के साथ यहां दिनभर वाहनों की रेलमपेल रहती है। वहीं आगर रोड पर मकोडिय़ा आम चौराहे से लेकर चरक अस्पताल, चामुंडा चौराहा, देवासगेट बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और इंदौर गेट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। विशेषकर बस व रेलवे स्टेशन के साथ जिला अस्पताल के लिए बढ़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
ऐसे में इन दोनों मार्गों पर दिनभर जाम की नौबत बनती है। लिहाजा दोनों मार्ग एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखा गया। कॉरिडोर बनाने पर प्रांरभिक सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए फिजिकल सर्वे की कवायद शुरू की। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मानें तो फिजिकल सर्वे में दोनों मार्गों से गुजरने वाले वाहनों की संख्या, मार्ग की चौड़ाई, भविष्य में ट्रैफिक लोड आदि का अध्ययन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इनके बनने का निर्णय लिया जाएगा।
दो मार्गों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से वाहन बगैर कहीं रुके, सीधे इंदौर फोरलेन तक पहुंच जाएंगे। दरअसल, जिन वाहनों को शहर में कहीं रुकना नहीं है, उनके लिए एलिवेटेड कॉरिडोर फायदेमंद रहेंगे। दिन या रात के समय ट्रक बगैर शहर में आए बगैर इंदौर से आगर रोड, सिंहस्थ बायपास और नागदा बायपास पर आ-जा सकेंगे।
-ज़मीन पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से जाम की समस्या नहीं होती।
-एलिवेटेड पर बिना रुकावट के सफर करने से समय की बचत होती है।
-जाम और सिग्नल पर नहीं रुकने से स्मूथ ट्रैफिक के साथ पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम होती है।
-कम ट्रैफिक जाम और कम ईंधन खपत से प्रदूषण में कमी आती है।
-एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक नियमों के पालन के साथ दुर्घटना की संभावना कम रहती है।
-सुव्यवस्थित व मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर से शहर की सुंदरता बढ़ती है।
शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एलिवेटेड ही नहीं फ्लायओवर की जरूरत है। खासकर मुल्लापुरा चौराहा, नागझिरी, तीन बत्ती चौराहा और रोडवेज बस डीपो वाले चौराहे पर लायओवर बनने से यातायात सुगम होगा।
शहर में निकास से इंदौर गेट व मकोडिया आम चौराहे से देवासगेट होते हुए हरिफाटक ब्रिज तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाना है। इनके बनने से शहर के यातायात के साथ सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट में उपयोगी होगी। इनके सर्वे के लिए एजेंसी को कहा गया है। - अनिल जैन कालूहेडा, विधायक
दो मार्गों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाने का प्रारंभिक प्रस्ताव है। इनके निर्माण के लिए फिजिकल सर्वे करवाया जा रहा है। -योगेंद्र बागोले, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी
Published on:
25 Apr 2025 04:32 pm
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