18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाकाल की नगरी ‘उज्जैन’ से तय होता है दुनिया का समय, साल 2024 में यहां होंगे 24 बड़े काम

- खूबियों के कारण टियर-2 शहरों में तेजी से आगे बढ़ रहा उज्जैन

3 min read
Google source verification
capture_2.png

Ujjain

उज्जैन। उज्जैन की अपनी तासीर है, इसका अपना विराम भी है और अपनी उड़ान भी। इसीलिए उज्जैनियत असाधारण है, बिरली है, भीड़ में भी नजर आने की क्षमता रखती है। यह अपने मूल को नहीं छोड़ती, अस्तित्व को खोने वाला समझौता नहीं करती। इंतजार करती है गरीमामयी उड़ान के लिए अपनी पसंद के आसमान का विराम का काल पूर्ण हुआ, अब ऊंची उड़ान का युग शुरू हो रहा है... अब उज्जैनियत का समय शुरू हो रहा है।

उज्जैन से तय होगा दुनिया का समय

गणितज्ञ भास्कराचार्य ने उज्जैन से प्राइम मेरिडियन के गुजरने का जिक्र किया है। इसके पूर्व सूर्य सिद्धांत और भारतीय खगोल विज्ञान से जुड़े ग्रंथों, स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में प्राइम मेरिडियन के उज्जैन से गुजरने की जानकारी मिलती है। कर्क रेखा भी उज्जैन से गुजरती है। दोनों रेखा डोंगला में मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में कहा था कि भारत ने दुनिया का मानक समय तय किया। हम फिर प्राइम मेरिडियन को ग्रीनविच से उज्जैन लेकर आएंगे। स्टैंडर्ड टाइम उज्जैन से तय के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से डोंगला वेधशाला में काम शुरू होगा।

प्रदेश की टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन सिटी

टूरिज्म सिटी की पहचान कायम हो रही है। श्री महाकाल लोक के बाद धार्मिक पर्यटन काफी बढ़ा है। अभी औसत रोज एक लाख से अधिक श्रद्धालु व पर्यटक शहर आ रहे हैं। नए साल में और बढ़ोतरी की संभावना है जो सिंहस्थ 2028 तक नया इतिहास रचेगी। उज्जैन देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है जो पर्यटन नगरी के साथ वेडिंग डेस्टिनेशन की पहचान भी बना रहा है। यहां होने वाले हर 10 बड़े वैवाहिक आयोजनों में से एक वेडिंग डेस्टिनेशन के कारण हो रहा है। वेडिंग डेस्टिनेशन से एक साल में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यवसाय हुआ जो बढ़ती ब्रांडिंग के कारण 15 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

टियर-2 होकर भी सुविधा में टियर-1 के बराबर

उज्जैन की जीवन गुणवत्ता बड़े शहरों के समान होने वाली है। मेट्रो सिटी की तरह यहां ट्रांसपोर्ट के लिए मेट्रो टे्रन, डोमेस्टीक एयरपोर्ट, यूनिटी मॉल, रोप-वे, सुपर इस्पेशलिटी मेडिकल फेसिटीलिटी, सिक्स और फोरलेन एंट्रेस रोड, फ्लायओव्हर, सुरक्षा के लिए कमांड कंट्रोल सेंटर, थ्री टू फाइफ स्टार होटल्स जैसी सुविधाएं मिल रही या मिलने वाली हैं। नए साल में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट लांच होने वाले हैं। उज्जैन देश का टीयर-2 शहर होने के बावजूद टीयर-1 सिटी की लाइफ स्टाइल देगा लेकिन वहां की तरह तनाव, ट्रैफिक जाम, अत्यधिक घनत्व जैसी समस्या नहीं होंगी।

साल 2024 के 24 बड़े कदम

1. देश के पहले यूनिटी मॉल का निर्माण शुरू होगा।

2. इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन का काम शुरू होगा।

3. मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा।

4. फेज टू का कार्य पूर्ण होने पर श्री महाकाल लोक श्री महाकाल महालोक हो जाएगा।

5. एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण शुरू होगा।

6. फ्रीगंज नए ब्रिज का निर्माण शुरू होगा।

7. 2 हजार कमरों का भक्त निवास निर्माण नजर आएगा।

8. महाकाल मंदिर के नजदीक विशाल प्रवचन व कथा हॉल का निर्माण शुरू होगा।

9. शिप्रा शुद्धिकरण के लिए कान्ह डायवर्शन पर कार्य शुरू होगा।

10.इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन का निर्माण शुरू होगा।

11. नजरअली मिल कम्पाउंड में नया डाइविंग पुल तैयार होगा।

12.देवासरोड नवीन तरणताल निर्माण पूर्ण होगा।

13. मोतीनगर में विशाल सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू

14. जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर सेंटर की शुरुआत।

15. कैंसर यूनिट विस्तारीकरण।

16. जिला अस्पताल में सौ बेड का नया वार्ड प्रारंभ।

17. कोठी रोड पर नया तहसील कार्यालय शुरू।

18. जंतर मंतर में देश की अनुठी वैदिक घड़ी का शुभारंभ।

19. रेलवे वर्कशॉप ट्रेनिंग सेंटर।

20. यूडीए व नगर निगम तीन-चार नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ।

21. शहर के प्रमुख चौराहों का विकास।

22. इंजीनियरिंग कॉलेज से नागझिरी तक पांच किलोमीटर का साइकिल ट्रेक प्रारंभ।

23. निमनवासा में प्लास्टिक क्लस्टर शुरू होगा।

24. उद्योगों मशीनों के पार्ट्स, डाई आदि के लिए देवासरोड उद्योगपुरी में कॉमन फेसिलिटी सेंटर शुरू होगा।

हमारी धरती तैयार करेगी डॉक्टर-इंजीनियर

स्तरीय निजी-शासकीय कॉलेज पहले से शहर व आसपास संचालित हो रहे हैं। संभागभर से युवा यहां पढ़ाई करने आ रहे हैं इसलिए मालवा निमाड़ में इंदौर के बाद उज्जैन दूसरा बड़ा एजुकेशन सेंटर बन चुका है। संस्कृत कॉलेज, वेद ज्ञान, विदेशी भाषाओं के डिपार्टमेंट आदि आकर्षण हैं। जल्द ही सरकारी मेडिकल कॉलेज की नींव रखाने वाली है। इसके बाद यहां में निजी व सरकारी दो मेडिकल कॉलेज उपलब्ध हो जाएंगे। आइआइटी की शाखा स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। भविष्य में हम देश और दुनिया के लिए डॉक्टर, इंजीनियर देने वाला प्रमुख केंद्र बनेंगे।