
पीएम आवास योजना : निर्माण पूरा करने के लिए दूसरी बार जारी टेंडर में भी किसी ने भागीदारी नहीं की, तीसरी बार किया जारी
उज्जैन. घरों का निर्माण पूरा होने से पहले ही प्रधानमंत्री आवास मल्टी निर्माण (भागीदारी में किफायती आवास) प्रोजेक्ट फेल होने की कगार पर पहुंच गया है। फ्लैट के अधूरे निर्माण ने कई आवेदकों के 'अपने आशियानेÓ का सपना अधूरा छोड़ दिया और अब भविष्य में जल्द निर्माण पूरा होगा, इस उम्मीद पर भी अब संकट छाने लगा है। कारण, प्रोजेक्ट के अधूरे कार्य को पूरा करने में कोई निजी कंपनी फिलहाल रुचि नहीं ले रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना एएचपी घटक (भागीदारी में किफायती आवास) अंतर्गत कानीपुरा व मंछामन क्षेत्र में इडब्ल्यूएस, एलआइजी, व एमआइजी आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण में अनियमितता के चलते नगर निगम ने तत्कालीन ठेका निरस्त कर दिया। करीब नौ महीने से मल्टी निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है। इस बीच कई आवेदकों ने अपनी जमा राशि वापस ले ली। वहीं कई की राशि अभी उलझी हुई है। अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए नगर निगम द्वारा दूसरी बार टेंडर जारी किया गया था लेकिन किसी कंपनी ने इसमें रुचि नहीं ली है। एेसे में हाल में तीसरी बार निविदा जारी करना पड़ी है, जो दिसंबर में खोली जाएगी। प्राजेक्ट में हुई अनियमितता और जिम्मेदारों द्वारा निगरानी में की गई लापरवाही के कारण अब भी सैकड़ों लोगों का घर का सपना, सपना ही बना हुआ है।
व्यावसायिक निर्माण में भी भागीदारी नहीं
मंछामन व कानीपुरा में अधूरी पड़ी मल्टी का निर्माण पूरा करने के साथ ही इस बार प्राजेक्ट में कुछ नए निर्माण भी शामिल किए गए थे। इसमें मक्सीरोड निगम वर्कशॉप के पीछे खाली पड़ी जमीन और अलखधाम स्थित पुराने स्वर्ग-सुंदरम टॉकीज क्षेत्र की जमीन पर दुकान व कार्यालय निर्माण कार्य को जोड़ा गया था। उम्मीद थी कि व्यावसायिक निर्माण शामिल होने से जहां निगम को आय प्राप्त होगी, वहीं निर्माण के लिए एजेंसियां भी उपलब्ध हो सकेंगी। एेसे में पुराने कार्य के साथ नए कार्य को शामिल करते हुए ८९ करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन इसमें भी किसी ने भागीदारी नहीं की। अब तीसरी बार टेंडर जारी किया है। सूत्रों की मानें तो प्रदेशभर में ही अधिकांश जगह उक्त प्रोजेक्ट की स्थिति खराब है और फंड का टोटा पडऩे की आशंका में कोई कंपनी इसमें विशेष रुचि नहीं दिखा रही है।
योजना में कहां कितना निर्माण
कानीपुरा-कुल ४२८ आवासीय। इसमें १५२ इडब्ल्यूएस, १४४ एमआइजी व १३२ एलआइजी
मंछामन- ४८० इडब्ल्यूएस
अलखधाम-दुकान व कार्यालय
मक्सीरोड वर्कशॉप- १४४ एलआइजी व दुकानें
प्रोजेक्ट पर एेसे छाया ग्रहण
- दिसंबर २०१८ में काम में लेटलतीफी व निर्देशों का पालन नहीं करने के चलते निगम प्रशासन ने एमवी ओमिनी कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया था।
-निगमायुक्त ने निर्देश दिए थे कि ३.८२ करोड़ रुपए की अमानत राशि राजसात कर ली जाए।
- बाद में कंपनी ने अपनी सफाई दी तो निगम प्रशासन ने अंतिम मौका देते हुए ३० जनवरी को ठेका बहाल कर दिया।
- गुण-दोष के आधार ठेका बहाली के बाद भी संबंधित कंपनी काम में तेजी नहीं ला पाई।
- लिहाजा कुछ माह बाद निगम प्रशासन ने दोबारा ठेका निरस्त कर दिया, इसके बाद नए टेंडर की प्रक्रिया नहीं हुई।
- छह माह से अधिक समय से काम बंद रहा।
- अब नई एजेंसी तलाशने में मशक्कत करना पड़ रही है।
Published on:
26 Nov 2019 11:00 am
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