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विद्यार्थी परिषद ने किया मांग पूरी होने का ऐलान और बज उठी ताली… विश्वविद्यालय ने उलट दी कहानी

मामला परीक्षा फीस वृद्धि का - एक घंटे से अधिक चला विवि में प्रदर्शन विवि ने मानी गलती मांग पूरी : विद्यार्थी परिषद, कोई गलती नहीं मानी,

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विद्यार्थी परिषद ने किया मांग पूरी होने का ऐलान और बच उठी ताली... विश्वविद्यालय ने उलट दी कहानी

उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय में परीक्षा फीस वृद्धि के विरोध में शनिवार दोपहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। विद्यार्थी परिषद फीस वृद्धि के खिलाफ नारेबाजी के साथ करीब एक घंटे तक प्रशासनिक भवन में हंगामा किया। इसके बाद कुलपति प्रो. शीलसिंध पाण्डे एबीवीपी कार्यकर्ताओं से चर्चा करने पहुंचे। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात कहते रहे। थोड़ी देर बाद कुलपति वापस अपने कक्ष में चले गए और नारेबाजी तेज हो गई, लेकिन एकाएक कार्यकर्ता दुष्यंत मालवीय व अन्य ऐलान किया कि विवि प्रशासन ने अपनी गलती मान ली है। गलती से ली फीस वापस होगी। हमारी मांग पूरी हुई। इधर, विवि प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद के दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि विवि प्रश्रपत्रों के अनुपात के आधार पर नए सिरे से फीस निर्धारित करेंगी। यह प्रस्ताव विद्यार्थियों के बीच रखा। यह बात विद्यार्थी परिषद ने मान ली है।

ऐसे चला घटनाक्रम

क्या है नया प्रस्ताव
विवि प्रशासन पूर्व के सेमेस्टर परीक्षा के दौरान एक प्रश्रपत्र की फीस का आंकलन करेंगा। जैसे एक पाठ्यक्रम में पांच प्रश्रपत्रों के लिए 1000 रूपए लिए जाते है। तो एक प्रश्रपत्र के 200 रूपए हुए। अब वार्षिक पद्धति में उक्त पाठ्यक्रम में जितने प्रश्रपत्र होंगे। 200 रूपए के मान से फीस निर्धारित होगी।

सीधी बात....
- विद्यार्थी परिषद का कहना है कि विवि ने अपनी गलती मान ली। फीस वापस होगी
विवि प्रशासन ने कोई गलती नहीं की है। फीस को नए सिरे से निर्धारण होगा। जिन्होंने फीस जमा कर दी है। उनका समायोजन होगा। ऐसे में विद्यार्थी को फीस वापस भी मिल सकती है और विद्यार्थी को थोड़ी फीस चुकानी भी पड़ सकती है।
- यह प्रस्ताव प्रदर्शन के दौरान ही तैयार कर लिया था।
पूर्व में फीस ज्यादा होने की विद्यार्थियों की तरफ से मांग आई। तो पूर्व फीस और प्रश्रपत्रों के आधार पर अनुपातिक फीस निर्धारण का फैसला लिया। यह विद्यार्थियों को बताया। जो उन्होंने मान लिया।
डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा, कुलानुशासक।