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विक्रम यूनिवर्सिटी का गड़बड़झाला, पहले 3 बार बढ़ाई परीक्षा की तारीख, अब एग्जाम में छात्रों को थमा दिया गलत पेपर

Vikram University Ujjain : पहले तो विक्रम यूनिवर्सिटी द्वारा संबंधित पेपर की तीन बार तारीख बढ़ाई गई। जैसे-तैसे तीसरी बार में एग्जाम हुआ तो यूनिवर्सिटी ने परीक्षार्थियों को पेपर ही गलत थमा दिया।

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Vikram University Ujjain

विक्रम यूनिवर्सिटी का गड़बड़झाला (Photo Source- Patrika)

Vikram University Ujjain : पढ़ाई से ज्यादा अपने अजब-गजब कारनामों के लिए जानी जाने वाली मध्य प्रदेश के उज्जैन संभाग की विक्रम यूनिवर्सिटी ने आज एक बार फिर बड़ा गड़बड़झाला करते हुए यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले संभाग के सभी जिलों के हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। आपको बता दें कि, यूनिवर्सिटी की ओर से आज बी.ए दूसरे वर्ष के छात्रों का अंग्रेजी सहित्य का पेपर लिया जाना था। खास बात ये है कि, पहले तो यूनिवर्सिटी द्वारा संबंधित पेपर की तीन बार तारीख बढ़ाई गई और आज जैसे-तैसे तीसरी बार में एग्जाम का दिन आया तो यूनिवर्सिटी ने परीक्षार्थियों को गलत पेपर थमा दिया।

उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले सातों जिले, जिनमें खुद उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर, और नीमच शामिल है। इन सातों जिलों में विक्रम यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में आज बीए सेकंड ईयर का पेपर था। ये पेपर सुबह 11 बजे से 02 बजे के बीच होना था। लेकिन, एग्जाम शुरु होने से पहले जब छात्रों को क्वेश्चन पेपर थमाया गया तो अधिकतर बच्चे उस क्वेश्चन पेपर को देखकर दंग रह गए। क्योंकि, सेक्शनवाइज क्वेश्चन पेपर देने के बजाए यूनिवर्सिटी ने सभी छात्रों को एक ही पेपर थमा दिया था।

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छात्रा का आरोप- एग्जामनर बोले 'जो लिखना हो लिख दो'

रतलाम निवासी एक छात्रा ने बताया कि, एग्जाम हॉल में जब हमें हमारे सेक्शन से अगल पेपर प्रतीत हुआ तो हमने इसका शिकायत स्कूल टीचर से की तो उन्होंने भी इतने गंभीर विषय पर हल्के मन प्रतिक्रिया देते हुए कहा- 'जो मन में आए लिख दो, अगर गाना लिख सको तो वो लिख दो। लेकिन, कॉपी खाली मत छोड़ना। ये बात जब छात्रों को कुछ हजम नहीं हुई तो उन्होंने भी खाली पेपर छोड़कर अपना विरोध व्यक्त किया और अपने घरों को लौट गए।

तीन बार बदली एग्जाम की तारीख

यूनिवर्सिटी की ओर से बीए सेकंड ईयर का आज लंबे इंतजार के बाद अंग्रेजी साहित्य का पेपर होना था। यूनिवर्सिटी द्वारा पहले ये पेपर 16 मई 2025 को होना था, जिसे निरस्त कर ये पेपर 2 जून को होना तय किया गया, लेकिन अचानक पेपर की तारीख में फिर बदलाव कर उसे 4 जून यानी आज सुनिश्चिक किया था। लंबे इंतजार के बाद जैसे-तैसे आज ये पेपर होना था तो यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षार्थियों को गलत क्वेश्चन पेपर थमा दिया।

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क्या जिम्मेदारों पर होगा एकशन?

छात्राओं का कहना है कि, आज उन्हें इले​क्टिव, मेजर टू माइनर और मेजर वन का पेपर देना था, लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा सभी छात्रों को मेजर वन सेक्शन का क्वेश्न पेपर थमा दिया, जो परीक्षा में शामिल लगभग सभी छात्रों के सब्जेक्ट क्षेत्र से जुड़ा ही नहीं था। फिलहाल, देखना ये है कि, आए दिन कोई न कोई झोल करने वाली विक्रम यूनिवर्सिटी के इस कारनामे पर जिम्मेदारों के खिलाफ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की क्या सजा दी जाती है।

पहले भी यूनिवर्सिटी कर चुकी कई कारनामे

ये कोई पहली बार नहीं, जब विक्रम यनिवर्सिटी की ओर से इस तरह का कारनामा चर्चा में न रहा हो। इससे पहले भी करीब दो सप्ताह पूर्व आयोजित परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग ने रतलाम के एक कॉलेज की 30 छात्राओं को एक ही विषय में जीरों नंबर दे दिए थे। उसमें भी हास्यास्पद बात ये थी कि, सभी छात्राएं एक ही क्लास में बैठी थीं और उन्हें इंडियन इकोनॉमिक्स के विषय में अनुपस्थित बताकर जीरो दे दिया था। जब बीकॉम फाइनल ईयर का रिजल्ट आया तो छात्राएं हैरान रह गईंआश्चर्य में पड़ गईं कि पूरी क्लास कैसे एक अंक लाकर फेल हो सकती है। फिलहाल, छात्राओं ने कन्या महाविद्यालय में प्रदर्शन कर जनसुनवाई में भी शिकायत कर रखी है, पर अबतक वहां से भी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है।

सभी छात्राओं को मिला ZERO

रतलाम की एक छात्रा ने कहा था, 'हम सभी छात्राएं एक कमरे में बैठी थीं और इंडियन इकोनॉमिक्स के पेपर में सभी छात्राएं उपस्थित थीं, जिसका प्रमाण भी कॉलेज प्रबंधन के पास मौजूद है, लेकिन जब रिजल्ट आया तो सभी रिजल्ट देखकर हैरान ही रह गए। सभी छात्राओं को एक विषय में शून्य अंक मिले। रिजल्ट में सभी को उनुपस्थित बताया गया, जिसके चलते अब कॉलेज प्रबंधन ने अपनी गलती मानकर छात्राओं को पास करने के बजाए पूरक परीक्षा देने की मांग की गई। वहीं, दूसरी तरफ छात्राओं ने कहा कि, जो परीक्षा वो दे चुकी हैं, उसकी पूरक परीक्षा आखिर वो क्यों दें।'

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