
तीज-त्योहार और मेले के लिए जाने जानी वाली सांस्कृतिक नगरी उज्जैयनी के इतिहास में पहली बार ऐसा मेला लग रहा है कि जहां 389 से ज्यादा दुकानें एक साथ लगेगी। यहां पर लोग 1 रुपए की पानीपुरी से लेकर से लेकर 3 करोड़ तक की कार खरीद सकेंगे। यही नहीं मेले में सांस्कृतिक आयोजन के साथ झूले और मालवा के व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। खास बात यह कि 40 दिन चलने वाले मेले में 80 से 100 करोड़ का व्यापार भी होने की संभावना है।
विक्रम व्यापार मेला का शुभारंभ शुक्रवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसी के साथ विक्रमोत्सव का भी आगाज होगा। ऐसे में सांस्कृतिक महोत्सव के संग शहर के निवेश और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। मेले में दशहरा मैदान पर ऑटोमोबाइल्स व इलेक्ट्रानिक की दुकानें रहेगी। इसमें देश से सभी ऑटोमाबाइल्स ब्रांड टाटा, मारुति, महिंद्रा, वाल्वो, टीवीएस, जीप, टोयोटा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों ने अपने शो-रूम खोले हैं, वहीं पीजीबीटी कॉलेज में हस्तशिल्प, फूड जोन के साथ झूले भी रहेंगे। 40 दिन तक चलने वाले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होगी। एक तरह से मेला शहर की नई प्रदेश स्तरीय पहचान बनाएगा।
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मेले में रोजाना 2 से 3 करोड़ का व्यवसाय होने की उम्मीद जताई जा रही है। 40 दिनों में यह आंकड़ा 80 से 100 करोड़ के बीच होने की संभावना है। दरअसल सरकार की ओर से गैर व्यावसायिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन व रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट देने से बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदी करेंगे। वाहनों की खरीदी अकेले उज्जैन ही नहीं इंदौर, देवास, रतलाम, भोपाल, शाजापुर और आगर जिले से भी होगी। मेले में इन जिलों के डीलर भी आए हैं।
मेले में अगर कोई 15 लाख की कार खरीदता है तो उसे टैक्स के छूट के बाद करीब 80 हजार रुपए का फायदा होगा। इसके साथ ही वाहन कंपनियां अपनी ओर से डिस्काउंट देती है तो यह राशि ओर बढ़ सकती है। ऐसे में स्कूटर तक की खरीदी में 8 से 12 हजार रुपए की बचत होगी।
- व्यापार मेले में शो-रूम, पानी-बिजली, सौंदर्यीकरण तथा सडक़ निर्माण के लिए पिछले तीन दिनों से २४ घंटे काम चल रहा है।
- सडक़ पर मुरम बिछाने के साथ आज दोपहर तक नेट भी बिछा दी जाएगी।
- मेले के लिए दो स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
- मेला क्षेत्र के लिए कंट्रोल रूम तथा 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- अस्थायी शौचालय व मोबाइल शौचालय रखे गए हैं।
- मेला क्षेत्र में लाइट के 1000 केवी के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।
विक्रम व्यापार मेले से निगम की सेहत में भी सुधार हुआ है। निगम को मेले में दुकान आवंटन से ही करीब 9 करोड़ से ज्यादा आय हुई है। निगम ने मेले में 30 व 60 हजार रुपए कीमत रखी थी। इन दुकानों के लिए व्यापारियों ने बढ़-चढक़र कीमतें लगाई। एक दुकान 50 लाख रुपए तक में गई है।
निगमायुक्त आशीष पाठक कहते हैं कि विक्रम व्यापार मेला उज्जैन के व्यापार-व्यवसाय के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। यह शहर की नई पहचान कायम करेगा। मेले की सारी तैयारियां हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल शुभारंभ करेंगे।
Published on:
29 Feb 2024 08:55 am
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