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पैर पर पट्टी बांध व्हीलचेयर पर बैठा, अपाहिज बन मांगने लगा भीख, पुलिस ने डंडा दिखाया तो हो गया फिट और लगा दौड़ने

खुलासे के बाद कहा कि कमाने-खाने के लिए किया था ऐसा

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उज्जैन/ लोग मजबूरी में भीख मांगते हैं लेकिन कुछ ने इसे पेशा बना लिया है। धार्मिक नगरी उज्जैन में लोगों की आस्था के साथ कुछ ऐसा ही खिलवाड़ हो रहा था। इसका नजारा रामघाट पर देखने को मिला। जहां एक भिखारी व्हीलचेयर पर बैठा दिखा और उसके पैर पर पट्टी बंधी हुई है। भिखारी का रूप धर लोगों से भीख मांग रहा है। लेकिन इसकी हकीकत जब सामने आई तो लोग हैरान रह गए।

भीख के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ करने का मामला रामघाट पर देखने को मिला है। दो दिन पहले रामघाट पर पुलिस ने दो युवकों को पकड़ा। इनमें व्हीलचेयर पर बैठा हुआ एक युवक था, जिसके पैर में पट्टी बंधी हुई थी। दूसरा व्हीलचेयर को धका दे रहा था। इस बीच कुछ लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि वह नकली भिखारी है।

पुलिस ने रोका
संदिग्ध परिस्थिति में दोनों को घूमते देख पुलिस ने इन्हें रामघाट पर रोका और पूछताछ की। इस बीच पुलिस को पता चला कि यह नकली भिखारी है। व्हीलचेयर पर जो बैठा हुआ है वह लंगड़ा नहीं है। इस पर पुलिस ने डंडा दिखाकर उसका पट्टा खुलवाया। युवक ने लोगों के सामने ही पैर का पट्टा खोला। पुलिस ने उससे कहा अब उठ तो वह खड़ा हो गया।

दौड़ लगा
पुलिस ने डंडा दिखाया तो अपाहिज बने लड़के का उसके साथ चल रहे युवक ने उसकी पट्टी खोली। उसके बाद वह बिलकुल फिट नजर आया। फिर व्हीलचेयर से उतरकर उठ खड़ा हो गया। पुलिस ने डंडा दिखाकर उससे बोला कि अब दौड़ लगाओ। पुलिस को देखते ही वह लड़का दौड़ने लगा। उसके बाद पुलिस ने चेतावनी देते हुए उन्हें वहां से छोड़ दिया।

कमाने-खाने के लिए किया ऐसा
पुलिस ने जब इनके झूठ को पकड़ा और डराया तो इनका साथी गिड़गिड़ाने लगा। कहने लगा कि साहब...मारो मत। मैं कह रहा हूं कि झूठी पट्टी बांधी है। आपके सामने ही खोल देता हूं। कुछ देर में ही पट्टी खोल दी और युवक को खड़ा किया और दौड़ने को बोला तो वह दौड़ पड़ा।


वहीं युवक ने पैर टूटा दिखाने के लिए बकायदा एड़ी के यहां लकड़ी लगाई। इसके ऊपर पट्टी बांध रखी थी। पट्टी में देशी इलाज के तौर पर रूई और मल्हम तक लगा हुआ था। जब पट्टी खुलवाई गई तो यह लकड़ी भी बाहर निकल कर आई।