24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व मधुमेह दिवस आज: एक ऐसा रोग, जो किसी विषाणु या कीटाणु के कारण नहीं होता

Ujjain News: अव्यवस्थित दिनचर्या और खराब खान-पान के कारण आम हो रही शुगर की बीमारी, जागरुकता के सहारे इससे लडऩे की जरूरत

3 min read
Google source verification
World Diabetes Day

Ujjain News: अव्यवस्थित दिनचर्या और खराब खान-पान के कारण आम हो रही शुगर की बीमारी, जागरुकता के सहारे इससे लडऩे की जरूरत

उज्जैन. सर्वे के अनुसार दुनिया में 45 करोड़ लोगों को मधुमेह की बीमारी है, इससे हर 10 सेकंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है, हर 5 सेकंड में एक व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ रहा है, हर 30 सेकंड में एक व्यक्ति का पैर काटना पड़ रहा है और 25 गर्भवतियों में से एक को भविष्य में डायबिटीज हो रहा है... शरीर में ग्लूकोज या शकर की अधिकता की यह कड़वी हकीकत है, जो अब व्यक्तिगत समस्या न होकर ज्वलंत वैश्विक समस्या का रूप ले चकी है। इससे लडऩे के लिए पहला हथियार जागरुकता ही है।

डायबिटीज खतरनाक होने के बावजूद आम बीमारी

मधुमेह, शुगर या डायबिटीज खतरनाक होने के बावजूद आम बीमारी बनती जा रही है। कभी एक उम्र के बाद डायबिटीज होने की आशंका बढ़ती थी लेकिन अब कम उम्र में भी कई लोग इसके शिकार हो रहे हैं। भारत में तो स्थिति और भी खतरनाक है क्योकि दुनिया के मधुमेह रोगियों में से हर पांचवा भारतीय है। उज्जैन भी इससे अछूता नहीं है। चिकित्सकों के अनुसार शुगर के लिए होने वाले जांच शिविरों में ही बडी संख्या में नए मरीज मिल रहे हैं। वंशानुगत के अलावा आम व्यक्ति में इस बीमारी के होने के पीछे मुख्य कारण अव्यवस्थित दिनचर्या, दूषित या खराब खान-पान और शारीरिक मेहनत की कमी, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही है। एेसे में विषेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह न हो इसके लिए तो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरूरी है ही, यह बीमारी होने के बाद इसे नियंत्रित करने के लिए भी जागरूक और संयमित जीवनशैली अपनाना जरूरी है। एेसा नहीं करने पर यह बीमारी अन्य बड़ी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है।

एेसे समझें मधुमेह को

यह एक एेसा रोग है, जो किसी विषाणु या किटाणु के कारण नहीं होता। मनुष्य द्वारा किया गया भोजन स्टार्च में बदलता है जो फिर वह ग्लूकोज में परिवर्तित होता है। इसे सभी कोशिकाओं में पहुंचाया जाता, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। ग्लूकोज को अन्य कोशिकाओं तक पहुंचाने का कार्य इन्सुलिन का होता है। मधुमेह के रोगी में इन्सुलिन बनना कम या बंद हो जाता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज या शकर की मात्रा बढऩे लगती है।

इसलिए हो रहा मधुमेह

- अनुवांशिक
- उच्च कालेस्ट्राल

- इंसुलिन की कमी
- उच्च रक्तचाप

- सही खानपान न होना।
- तनाव, शारीरीक काम की कमी

- ड्रग्स, धूम्रपान आदि
इन लक्षणों से हो सतर्क

- अधिक भूख लगना
- यूरिन अधिक आना

- प्यास ज्यादा लगना
- घाव को भरने में समय अधिक लगना

- जल्दी थकान होना, नींद अधिक आना
- दृष्टि कमजोर होना

- किसी चीज का जल्द इन्फेक्शन होना
- शरीर के कुछ भागों का सुन्न होना या झुनझुनी आना

- अचानक वजन कम होना
डायबिटीज में इन बातों का रखे ध्यान

- दिनचर्या व्यवस्थित करें
- एक साथ अधिक न खाते हुए टुकड़ों में थोड़ा-थोड़ा खाएं

- समय-समय पर डायबिटीज की जांच करवाएं
- ६-७ घंटे की पर्याप्त नींद लें

- आहार संतुलित लें, वसा न लें
- सुबह भ्रमण, कसरत, योग आदि करें

- दवाएं नियमित लें।
- चिकित्सक द्वारा दिए निर्देशों का नियमित पालन करें।

बीमारी में इनका सेवन फायदेमंद
करेला, जामुन, आम के ताजा १०-१५ पत्तों को रातभर पानी में डालने के बाद सुबह खाली पेट वह पानी पीना, तुलसी का दो चम्मच रस सुबह खाली पेट लेना, दालचीनी, मैथीदाना, आवला, सुबह खाली पेट नीम की ८-१० पत्ती चबाना, अमरूद, भिंडी, ग्रीन टी आदि।

दोस्त को मधुमेह, बनाया ग्रुप, आज नि:शुल्क शिविर

पाश्र्वनाथ परिसर निवासी महेंद्र नाहर के दोस्त तपेश जैन को शुगर की समस्या है। कुछ वर्ष पूर्व जैन ने उन्हें बताया कि यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए विदेशों में मधुमेह रोगियों का ग्रुप बनाने और उपचार करने का कंसेप्ट चल रहा है। इस पर नाहर ने उज्जैन में भी गु्रप बनाने का सुझाव रखा और दोनों ने मिलकर दो वर्ष पूर्व डायबिटीक केयर ग्रुप का गठन किया, जिसमें सदस्य बढ़कर करीब ५० तक हो गए। ग्रुप द्वारा हर महीने शिविर आयोजित कर सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक उपचार आदि की सुविधा दी जाती है। हालांकि सदस्य बनाने के लिए न्यूनतम शुल्क भी जमा किया जाता है, जिसका उपयोग वर्षभर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने में होता है। अब इस गु्रप को जीवनदीप डायबिटीक केयर ग्रुप के नाम से विस्तारित व नए रूप में दोबारा गठित किया जा रहा है। नाहर ने बताया कि मधुमेह दिवस पर गुरुवार को क्षीरसागर बालोद्यान में सुबह ७.३० से ८.३० बजे तक नि:शुल्क शुगर जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। नाहर के अनुसार, गु्रप द्वारा जल्द मधुमेह मुक्त उज्जैन अभियान चलाने का प्रयास किया जा रहा है।