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दहशत में घायल, सदमे के कारण उड़ गई नींद, अपनों के जाने की जानकारी तक नहीं

चार घायलों में से एक आईसीयू में, तीन सुबह पहुंचेंगे

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उज्जैन. तमिलनाडु में दुर्घटना में सिंधी कॉलोनी निवासी चारों लोगों के शव गुरुवार रात करीब ९.३० बजे जिला अस्पताल लाए गए। सुभाष नगर स्थित आश्रम से शुक्रवार सुबह १० बजे चारों की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इधर हादसे में शहर के चारों घायलों में से एक आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि शेष तीन सुबह तक शहर पहुंचेगे। इनमें से एक महिला के पति की हादसे में मौत हो चुकी है। जिसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। गम की इस घड़ी में साईं संस्था के सेवादार मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर शवों को शहर लाने का काम किया। जिनके अनुसार घायल इतनी दहशत में है कि हादसे के बाद से एक भी सोया नहीं है। उन्हें अपनों के जाने की आशंका है लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
गुरुवार रात ९.३० बजे तमिलनाडु हादसे में मृत गोवर्धनधाम नगर निवासी रमेश (५०) पिता लीलाराम पवानी, विद्यादेवी (६०) पति स्व. आनंदराम पवानी, महाकाल सिंधी कॉलोनी निवासी लालचंद समतानी और उनके छोटे भाई टीकम समतानी के शव शहर लाए गए। चैन्नई से इंदौर हवाई रास्ते के जरिए शवों को लाया गया। रमेश के भतीजे नरेश ने बताया कि वे निरंतर सुभाष नगर स्थित टेवराम गुरुजी के आश्रम प्रेम प्रकाश मंडल जाते थे। लालचंद वहां सेवाएं देते थे। दोनों लालभाऊ और पीलाभाऊ के नाम से बुलाया करते थे। चैन्नई में तिरुपति बालाजी मंदिर पर बेटे मोक्ष (११) को विद्यादेवी के बेटे मुकेश से बुलवाया था। वहीं दोनों मुंडन करवाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही वे काल के गाल में समा गए। बीते शुक्रवार को वे १० दिन की तीर्थयात्रा पर भाभी विद्यादेवी के साथ निकले थे। लौटकर आश्रम में सेवाएं बढ़ाने के बारे में बोले थे। लेकिन ऐसा कर नहीं सके।
सुबह आश्रम से माथा टेककर अंतिम विदाई
चारों की अंतिम यात्रा सुभाष नगर स्थित आश्रम से निकाली जाएगी। नरेश ने बताया कि अंतिम यात्रा आश्रम में माथा टेकने के बाद सुबह १० बजे निकाली जाएगी।
पति से बात करने की जिद कर रही सोनम
शवों को लाने वाले साईं संस्था के सेवादार सवलदास ने बताया कि हादसे में घायल सोनम पवानी(४५) पति रमेशलाल पवानी, चंद्रा (५०) पति कन्हैयालाल पवानी, सुनीता (४८) पति कैलाश पवानी को मुंबई के रास्ते शहर लाया जा रहा है। सुबह तक शहर पहुंचेगे। तीनों इतने सदमें में है कि हादसे के बाद से ही कोई भी सोया तक नहीं है। सोनम को पति की दुर्घटना में मौत के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन उसे थोड़ी शंका है। इसलिए बार-बार बात करवाने की जिद कर रही है। जैसे-तैसे उन्हें व्हील चेयर से एयरपोर्ट तक लाए। पूरे रास्ते तीनों रोते ही रहे।
आईसीयू में मां, लेकिन देखने कैसे जाएं
नरेश ने बताया कि हादसे में घायल तीनों महिलाएं उनकी चाची हैं। जबकि मृत रमेश चाचा है और विद्यादेवी चाची हैं। मां सरला देवी पति मूलचंद्र पवानी गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें हाथ और कंधे में फ्रेक्चर है। बुआ तुलसी पति रमेशचंद्र डेटानी निवासी इंदौर भी आईसीयू में ही भर्ती हैं। उनके बेटे पंकज अस्पताल के लिए रवाना हुए हैं, लेकिन वे नहीं जा सके।