24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जंगल में आग से 200 पेड़ जले

घायल शावक की सतत निगरानी के लिए लगे कैमरे

2 min read
Google source verification
200 trees burnt by fire in the forest

200 trees burnt by fire in the forest

उमरिया. जिला अंतर्गत घुनघुटी रेंज की चंदनियां बीट में देर रात एक बजे आग लग गई। बताया जा रहा है आग महुआ बीनने वालों ने पत्तों को साफ करने के लिए लगाई थी, जहां देखते ही देखते बड़ी आग का रूप ले लिया। बताया गया है कि आग की चपेट में करीब दस एकड़ का इलाका आ गया। जिससे लगभग 200 पेड़ जल गए। सुबह बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका। गौरतलब है कि गर्मी में जंगलों में आग लगने की खबरें भी काफी आ रही है। कहीं पर प्रकृति की गर्म तासीर की वजह से तो कहीं पर इंसान अपने फायदे के लिए जंगलों को आग के हवाले कर रहे है।
उमरिया. गत दिवस रविवार को पार्क प्रबन्धन द्वारा नागेंद्र सिंह के बाड़े के समीप एक गड्ढे में जख्मी बाघ की सूचना पर पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू करके उसे अपने कब्जे में लिया। उक्त शावक का उपचार ताला रेंज अंतर्गत बठान कैम्प में किया जा रहा है। चिकित्सक नितिन गुप्ता की माने तो नर शावक की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। मंगलवार की रात नर शावक को दिये गए मांस को खाया। बुधवार की सुबह भी शावक ने मांस का भोजन किया। उपचार के रूप में आवश्यक मेडिसिन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शावक की सतत निगरानी के लिए दो कैमरे भी लगाये गये है। जिससे लगातार शावक की लोकेशन देखी जा रही है।
किसानों की राहत राशि में वृद्धि
उमरिया. राज्य शासन द्वारा फसलों के नुकसान पर दिये जाने वाली राहत राशि में वृद्धि की गई है। इस संबंध में राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 में संशोधन कर दिया गया है। आदेशानुसार कम मूल्य की फसल की क्षति होऩे पर अनुदान सहायता उस मूल्य के बराबर देय होगी। एक कृषक को सभी फसलों के मामलों में देय राशि पांच हजार रुपए से कम नहीं होगी। पहले यह राशि 2 हजार रुपए थी। इसी तरह, फसल हानि के लिए अथवा फलदार पेड़, उन पर लगे संतरा, नीबू, पपीता, केला, अंगूर, अनार की फसलों और पान बरेजा की हानि होने पर आर्थिक अनुदान सहायता अधिकतम एक लाख 20 हजार रूपये तक दी जा सकेगी।