
सरकारी भवन को तोड़कर अब एसडीएम कार्यालय बनाने का प्रयास
उमरिया. मानपुर मुख्यालय में सार्वजनिक हित के लिए लाखो रुपए खर्च कर बनाए गए अम्बेडकर भवन को तोड़कर एसडीएम कार्यालय बनाए जाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। जिसका अधिवक्ताओं ने विरोध शुरु कर दिया है। इस संबंध में पूर्व में भी मामला सामने आया था। जिस पर विरोध दर्ज कराते हुए अधिवक्ता संघ द्वारा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था। इस संबंध में तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कुशलेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई थी कि यहां पर एकमात्र सर्व सुविधा युक्त भवन है जो कि शादी-व्याह आदि सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु बनवाया गया। जहां पर सामाजिक कार्यक्रम होते हैं शादी विवाह आदि के कार्यक्रम यहां पर संपन्न किए जा सकते हैं और ऐसे कई कार्यक्रम यहां पर हुए भी हैं। इसलिए यहां पर इसके मूल स्वरूप में परिवर्तन न कराया जाए। प्रशासन द्वारा इसे सार्वजनिक हित के उपयोग के लिए ही रहने दिया जाए। आश्वासन के बावजूद भी यहां पर भवन के तोड़ फोड़ कराए जाने का मामला सामने आया है ।
लिखित आदेश नहीं
अधिवक्ताओं की माने तो उन्हे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों द्वारा यह बताया गया कि उन्हें इस संदर्भ का कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने एसडीएम के मौखिक आदेश के आधार पर तोड़ फोड़ का काम चालू करवा दिया है। उन्हें सिर्फ इतना ही पता है की यहां आफिस बनेगा। यहां पर लगे हुए ग्रेनाइट आदि पत्थरों तथा फर्श को तोड़ करके उसके स्थान पर कुछ नया निर्माण कार्य एसडीएम कार्यालय के लिए करवाया जा रहा है। साथ ही यहां पर निर्मित किचन प्लेटफार्म, शिंक आदि को भी उखाड़ कर फेंक दिया गया है।
एनओसी भी नहीं
बताया जा रहा है कि यहां पर जोर शोर से काम लगा हुआ है तथा यहां के हॉल में बने हुए चबूतरे में जहां की शादी विवाह आदि के मंडप का कार्यक्रम होता था वहां पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस संबंध में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने बताया कि यहां पर पंचायत की ओर से एनओसी भी नहीं दी गई। अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हुआ और इस संबंध की कोई सूचना भी प्रकाशित कर सार्वजनिक नहीं किया गया।
बंद कराया काम
वकीलों के विरोध करने पर नायब तहसीलदार मानपुर व तहसीलदार पहुंचे तथा उन्होंने विरोध उपरांत इस चल रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया है। देखना होगा कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बने हुए इस सर्व सुविधा युक्त भवन को प्रशासन द्वारा हटाया जाता है या नहीं। मौक में एकत्रित लोगों ने और जानकारों ने इसे शासन प्रशासन की तानाशाही बताया है। इसका हरहाल में विरोध करने की बात कही है।
Published on:
26 Dec 2019 01:06 pm
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