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पहले लोन लेकर शुरु किया व्यवसाय, अब दूसरों को दे रहा रोजगार

किसान का बेटा बना राइस मिल मालिक

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Business started with the first loan, now giving jobs to others

पहले लोन लेकर शुरु किया व्यवसाय, अब दूसरों को दे रहा रोजगार

उमरिया. किसान की मेहनत से उपजे अनाज का उपभोग तो सभी करते है इसलिए किसान को अन्नदाता कहा जाता है। लेकिन यदि किसान का बेटा मिल मालिक बन जाए तो लोग सहज स्वीकार नही करते है। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ प्राप्त कर ग्राम नरवार के भानू यादव के जीवन में नया सवेरा लेकर आई है। ग्राम नरवार निवासी भानू यादव ने किसी तरह से कक्षा दसवी तक की शिक्षा प्राप्त की थी, उसके बाद वह अपने पिता के साथ खेती किसानी से जुड गया । खेती किसानी में मेहनत ज्यादा एवं आय कम होती थी, जिससे वह परेशान रहता था तथा उसके मन में सदैव व्यवसाय करने की बात चलती रहती थी। उसने अपने पिता से व्यवसाय करने की इच्छा जाहिर की तो आर्थिक समस्या सामने आई। उसी दौरान पिता की मृत्यु भी हो गई। भानू यादव ने तो ठान ही लिया था कि वह व्यवसाय अवश्य करेगा। इसी तलाश में एक दिन वह जिला व्यापार एव ंउद्योग केंद्र उमरिया पहुंच गया जहां भानू को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओ की जानकारी दी गई। साथ ही उससे कई ऐसे सवाल किए गए जिस्से यह साफ हो सके कि वह व्यापार कर सकता है या नहीं। जिसमें पास होने पर उसका मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण प्रकरण तैयार कर स्टेट बैंक चंदिया को भेजा गया। जहां से उसे 25 लाख रूपये का ऋण एवं अनुदान स्वीकृत हो गया। जिसमें 5 लाख रूपये का अनुदान शामिल है। भानू ने बताया कि उसे राइस मिल स्थापना के दौरान भूमि डायवर्सन की समस्यां आई थी जिसे महाप्रबंधक उद्योग के सहयोग से कलेक्टर उमरिया ने स्वयं रूचि लेकर निराकरण कराया था। अब भानू यादव ने अपने गांव नरवार में राइस मिल स्थापित कर लिया है। उसे व्यवसाय में सफलता मिल रही है। अब भानू ने राइस मिल मे ं15 लोगो को रोजगार भी दिया है। भानू यादव के परिवार का मानना है कि यदि सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्वरोजगार योजना नही होती तो यह सपना , सपना ही रह जाता।