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आदिम जाति कल्याण मंत्री ने कहा- प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में निर्माण के कार्य समय पर पूरे हों

मंत्री मीना सिंह उमरिया से भोपाल, नर्मदापुरम् और सागर संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहीं थी।
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उमरिया

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Pawan Tiwari

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Updated: 5 Sep 2020, 5:51 PM IST

आदिम जाति कल्याण मंत्री  ने कहा- प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में निर्माण के कार्य समय पर पूरे हों

आदिम जाति कल्याण मंत्री ने कहा- प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में निर्माण के कार्य समय पर पूरे हों

उमरिया. आदिम जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विकास के कार्य नियत समय में पूरे किये जायें। उन्होंने उन निर्माण एजेन्सियों के खिलाफ सख्त कार्रवाही किये जाने के लिये कहा, जो निर्माण कार्यों को पूरा करने में लापरवाही बरत रहे हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री ने विभाग की बस्ती विकास योजना में सामुदायिक भवन एवं शालाओं में अतिरिक्त कक्षों के‍निर्माण कार्य प्राथमिकता से लिये जाने की बात कहीं। आदिम जाति कल्याण मंत्री आज बेबिनार के माध्यम से उमरिया से भोपाल, नर्मदापुरम् और सागर संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहीं थी।

बैठक में मंत्री मीना सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जल्द ही विभाग के छात्रावास एवं आश्रम शालाओं का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। विभागीय अधिकारी अपने जिलों में सजगता के साथ इसकी तैयारी प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि विभाग के अनेक भवन कोविड-19 के लिये अधिग्रहित किये गये है। उन भवनों के उपयोग के पूर्व भवन और सामग्री को सेनेटाइज किया जाएं। आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को दूरदर्शन और आकाशवाणी, ऑनलाइन और अन्य डिजिटल मॉड्यूल के माध्यम से कराई जा रही अध्ययन व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

वनाधिकार पट्टों की समीक्षा
आदिम जाति कल्याण मंत्री ने कहा कि वनवासी सही मायनों में जल, जंगल और पर्यावरण के संरक्षक होते है। राज्य सरकार ने वनाधिकार अधिनियम में पूर्व में निरस्त वन भूमि के पट्टों की पुन: समीक्षा किये जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी 15 सितम्बर तक पूर्व में काबिज वनवासियों को उनकी भूमि के पट्टे परीक्षण के बाद मान्य कराने में प्रभावी कार्यवाही करें। बैठक में बताया गया कि भोपाल संभाग में 9 हजार 200 निरस्त दावों में से 1592 दावों को परीक्षण के बाद मान्य किया गया है। नर्मदापुरम् संभाग में 8 हजार 300 दावों मे से 656 दावें मान्य किये गये है। सागर संभाग में 16 हजार 800 दावों में से 2380 दावें जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा मान्य किये गये है।