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नदी को जानो अभियान पर हुई चर्चा

महाविद्यालय में आयोजित हुई प्रतियोगिता

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Discussion on Know the river campaign

Discussion on Know the river campaign

उमरिया. शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा छात्र-छात्राओं को नदी को जानो अभियान की जानकारी दी गई। इस प्रतियोगिता का आयोजन नदियों के प्रति जन जागृति लाने, उनके संरक्षण, पर्यावरण से युवा शक्ति को जोडऩे के उद्देश्य से किया गया है। महाविद्यालय के प्राचार्य सीबी सोदिया व वरिष्ठ प्राध्यापक संजीव शर्मा विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी हेमलता लोक्ष व सह प्रभारी ऋषिराज पृरवार व मोहम्मद सकील मंसूरी ने आवाहन किया कि अधिक से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और नगरवासी इस अभियान में सहयोगी बने। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य सीबी सोदिया की अध्यक्षता में हुई।
यह है अभियान
विवेकानंद कैरियर प्रकोष्ठ सेल के प्रभारी हेमलता लोक्ष ने विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रतियोगिता को दो स्तरों पर बांटा गया है एक संस्थागत दूसरा व्यक्तिगत। संस्थागत में विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थानों के विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक और कार्यकर्ता भाग ले सकते हैं। संस्थागत श्रेणी में हर संस्था से न्यूनतम 250 प्रतिभागियों की संख्या अपेक्षित है। जिसके लिए मात्र 25 रुपये की सहयोग राशि देनी होगी। संस्थागत स्तर पर प्रतियोगिता विजेताओं को क्रमश: जल संरक्षक एक लाख रुपए, जलोपासक 51 हजार रुपए और जल साथी को 31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि मिलेगी। जबकि व्यक्तिगत श्रेणी में 18 वर्ष की आयु तक के प्रत्येक राज्य से जल बाल मित्र को 5 हजार रुपये, 18 से 25 वर्ष आयु तक के प्रत्येक राज्य से जल युवामित्र को 5 हजार रुपये एवं 25 वर्ष आयु से ऊपर प्रत्येक राज्य से जल मित्र को 5 हजार रुपये पुरस्कार राशि के रुप में दिए जाएंगे।
प्रतिभागियों को नदी के भौगोलिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक दृष्टि से उसकी संपूर्ण जानकारी जिसमें उत्तम स्थल से लेकर विलय स्थल तक की जानकारी जीपीएस लोकेशन के साथ प्रदान करनी है। ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तारीख 10 दिसंबर तक है। इसी तरह सभी ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन ऋषिराज पृरवारी एवं आभार प्रदर्शन डॉ. देवेश कुमार अहिरवार द्वारा किया गया। इस मौके पर समस्त अधिकारी कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।