11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वास्थ्यकर्मी करते है मरीजों का इलाज

सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कमान

2 min read
Google source verification
Health workers treat patients

Health workers treat patients

उमरिया/बिरसिंहपुर पाली. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मियों की बदौलत कई मरीजों को लाभ तो मिल जाता है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलना अब एक कमी के रूप में आये दिन सामने आ रही है। बीते दिनों के दौरान कई बार ऐसे भी मामले सामने आए हैं। जहां उपचार अभाव में मरीजों की जान चली गई। साथ ही चिकित्सक का इंतजार करते-करते मरीज परेशान होकर खुद प्राइवेट इलाज लेने के लिए बाध्य हो जाता है। इस प्रकार स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति सुधरने का नाम नही ले रही है। यहां चिकित्सकों की पदस्थापना न होने के कारण वर्तमान में एक चिकित्सक के भरोसे ही अस्पताल की कमान है। बताया जाता है कि अस्पताल में इन दिनों दो चिकित्सक पदस्थ है, डॉक्टर व्हीके जैन जो यहां के बीएमओ पद पर पदस्थ है, जो अधिकांशत: विभाग के मीटिंग या तो क्षेत्रीय दौरा में व्यस्त रहते है, वही डॉ. सराफ जो अपनी सेवाएं मरीजों को प्रदान करते है। बताया गया है कि डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा यह अस्पताल खुद बीमार हो चला है। तभी तो यहां जरूरतमंद मरीजों को समयानुसार स्वास्थ्य लाभ नही मिल पा रहा है। स्थानीय लोगो द्वारा कई बार शासन प्रशासन क्षेत्रीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से चिकित्सक पदस्थापना के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन प्रदेश में डॉक्टरों की कमी होने की बात कहकर अब तक यहां चिकित्सक पदस्थापना के लिए कोई ठोस कदम नही उठाये गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सकों से सेवाएं ली जा रही है, लेकिन ब्लॉक के अस्पतालों में ध्यान नही दिया जा रहा। जिससे जिले के ब्लॉक में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती जा रही है। पाली ब्लॉक के 44 पंचायत, लगभग 119 गांव के मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़े उम्मीद के साथ उपचार लाभ के लिए आते है। जिन्हें समयानुसार उपचार नही मिल पाता है। शायद इसी वजह से यहां आये दिन विवाद की स्थिति देखने को मिल रही है।
तीन डॉक्टर प्रशिक्षण में
जानकारी के मुताबिक पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते दिनों कुल पांच चिकित्सक पदस्थ थे जिनमें तीन चिकित्सक उच्च चिकित्सकीय सेवा के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिनमें डॉ. एल एन रुहेला, डॉ. अभयराज यादव और डॉ. सुशांत सक्सेना शामिल है। वहीं वर्तमान में अस्पताल में आये मरीजों की लगभग पूरी जिम्मेदारी डॉ. सराफ ही निभा रहे है। ऐसा नही की डॉ. व्ही के जैन ड्यूटी नही करते पर वह बीएमओ होने के नाते मीटिंग और क्षेत्रीय दौरा में ज्यादा व्यस्त रहते है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है।
कौन करेगा पहल
क्षेत्र में लंबे समय से चिकित्सक अभाव को लेकर नगर के कद्दावर नेता कहे जाने वाले लोगो के द्वारा अस्पताल में जल्द चिकित्सक पदस्थापना कराने की बात चाय पान होटल में तो की जाती है, लेकिन शहर का दुर्भाग्य है कि यहां प्रदेश क्या जिले से भी चिकित्सक लाने के प्रयास नही हो पा रहे है। ऐसे में यह बात तो स्पष्ट है कि नगर में जबानी खर्च के नेता बहुत है लेकिन जन सेवक नेता नाममात्र के हंै। तभी तो अब तक नगर में न तो चीर घर निर्माण हो सका न ही मर्चुरी की व्यवस्था की जा सकी, और न ही नए अस्पताल भवन के उद्घाटन के बाद अब तक वहाँ स्वास्थ्य लाभ देने की पहल की गई।
इनका कहना है
पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों की कमी से समस्या तो उत्पन्न हो रही है। जिसके लिए शासन स्तर पर अनुरोध किया जा रहा है, जब ऊपर से चिकित्सकों की व्यवस्था होगी पदस्थापना कर दी जाएगी। हम काफी प्रयास में लगे हुए है कि स्वास्थ्य सेवा में कोई कमी न हो।
डॉ. उमेश नामदेव, सीएमएचओ उमरिया।