
उमरिया. नगर में दो चिल्ड्रेन पार्क होने के बावजूद बच्चों को खेलकूद की सुविधा नहीं मिल रही है।
एक पार्क रेलवे बाल उद्यान के नाम से जाना जाता है। जिसे रेल प्रशासन ने करीब तीस साल पहले बनवाया था, ताकि रेल कर्मचारियों के बच्चे वहां अपना स्वस्थ्य मनोरंजन कर सकें। कुछ समय तक तो यह पार्क सुचारु रूप से चला। उसमें रेलवे कालोनी के बच्चों के साथ शहर के बच्चे भी आने लगे, लेकिन धीरे-धीरे रख-रखाव की कमी के कारण यह पार्क उजड़ गया। अब इसमें अक्सर ताला बंद रहता है। दूसरा पार्क नगर पालिका का है। इसमें बच्चों के लिए झूला, फिसलपट्टी, आने-जाने के लिए पक्के फुटपाथ और वाटिका है, लेकिन इसे समय न तो खोला जाता है और न उसका रख-रखाव किया जाता है। ज्ञातव्य हो कि गर्मी की छुट्टी हो गई है,अब बच्चे खेलकूद कर अपना मनोरंजन करना चाहते हैं, लेकिन दो पार्क में सुविधा की कमी बनी हुई है।
रख रखाव के अभाव में उजड़ रहा पार्क
बताया गया कि जिस आदमी की ड्यूटी पार्क के रखरखाव के लिए रखा गया था, उसे कहीं अन्यत्र भेज दिया गया है। यह पार्क कभी खुलता है, कभी नहंी खुलता है। यहां पानी की कमी और सिंचाई बिना आधे से अधिक पेड़ पौधे सूख चुके हैं। बच्चे यहां भी नहंी जा पाते हैं। एक दूसरा पार्क नगरपालिका का पिछले दो सालों से प्रस्तावित है, लेकिन उसका निर्माण कराए जाने में रुचि नही ली जा रही है। नगर के अंदर स्टेडियम के अलावा कोई ऐसा मैदान भी नहीं जहां बच्चे सुबह शाम खेल कर अपना मनोरंजन कर सकें। वर्षों से सूखे पड़े कृष्णा तालाब में भी निर्माण नहीं हो रहा है। उसका समतलीकरण अधूरा है।
रेल अधिकरियों से करेंगे मांग
रेल उपभोक्ता संघ के जिला अध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता व नागरिक ताज मोहम्मद ने कहा कि उपेक्षित पड़े रेलवे बाल उद्यान तथा स्टेडियम के रख-रखाव तथा व्यवस्था के लिए पूर्व में अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। पुन: पत्र लिखकर उनका ध्यान इस ओर दिलाया जाएगा। यदि पार्क और स्टेडियम का सुधार हो जाए तो यहां बच्चों को क्रिकेट आदि खेलने के लिए व्यवस्था हो जाएगी।
इनका कहना है
नगर की चिल्ड्रेन पार्क की व्यवस्था कर दी गई है, उसमें बच्चे खेल सकते हैं। सुबह-शाम वह निर्धारित समय से खुलता है। पहले जरूर कुछ अव्यवस्थाएं थीं।
हेमेश्वरी पटले, सीएमओ, नपा उमरिया
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30 तक कराएं शासकीय स्कूलों की पुताई
उमरिया. जिले के समस्त शासकीय उमावि एवं हाई स्कूल के प्राचार्यों से कहा है कि विद्यालय में व्यापक अभियान चलाकर स्कूल भवनों मे आरएमएसए द्वारा निर्धारित डिस्टेंपर, इमल्शन रंगो से विद्यालय भवनों की रंगाई पुताई कराने, मुख्य गेट एवं बाउण्ड्रीवाल पर विद्वानो के सुविचार लिखने, फर्श खिड़की, फर्नीचर, खिड़की दरवाजे की मरम्मत एवं शौचालयों की साफ-सफाई कराना 30 मई के पूर्व करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा है कि नगर निगम एवं पंचायत के अतिरिक्त उपरोक्त कार्य राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत स्कूलों को प्राप्त होने वाली वार्षिक शाला अनुदान राशि, विद्यालय में उपलब्ध साफ -सफाई हेतु अन्य निधि से भी कराया जा सकता है।

Published on:
17 May 2018 06:05 pm
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