
Prisoners know their rights and plea bargaining process in legal awareness camp
उमरिया. जिला जेल में बंदियों को उनके अधिकारों एवं प्ली बार्गेनिंग प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संगीता पटेल ने बंदियों के अधिकार एवं प्ली बार्गेनिंग विषय पर चर्चा की। बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक तो किया गया साथ ही उन्हें प्ली बार्गेनिंग प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से समझाया गया। इस शिविर में पहुंचे अतिथियों ने बंदियों से मुलाकात की और उनके अधिकारों से संबंधित सभी प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तार के साथ साझा किया गया। वहीं उन्हें यह भी समझाइश दी गई कि अपराध का रास्ता सही नहीं है, इसलिए वे इस रास्ते को छोड़कर एक आम इंसान की तरह अपन जीवन व्यतीत करें, जिससे उनके बच्चों व परिजनों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
वहीं 14 मई को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की जानकारी दी। दण्डप्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्ली बार्गेनिंग प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि यह अभियुक्त द्वारा स्वैच्छिक रूप से अपराध स्वीकार किए जाने पर न्यायालय दी जाने वाली सजा पर छूट प्रदान करती है। अत: जो बंदी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे अपना आवेदन जेल अधीक्षक के माध्यम से अपने न्यायालय को भेज सकते है। शिविर में 155 बंदी लाभान्वित हुए। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी बीडी दीक्षित ने उपस्थित बंदियों को रिमाण्ड स्टेज से निर्णय तक बंदियों को उपलब्ध अधिकारों एवं न्यायालयीन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संगीता पटेल, जिला विधिक सहायता अधिकारी बीडी दीक्षित, जिला जेलर एमएस मरावी एवं डिप्टी जेलर अरविन्द खरे उपस्थित रहे।
Published on:
07 May 2022 05:37 pm
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