12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने इकलौती संतान की बना दी आईडी, कॉलरी कर्मचारी को दिला दिया लाभ

ग्रामीणों ने जनसुनवाई में रोजगार सहायक पर पैसे लेकर लाभ दिलाने लगाया आरोप

2 min read
Google source verification
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में रोजगार सहायक पर पैसे लेकर लाभ दिलाने लगाया आरोप

ग्रामीणों ने जनसुनवाई में रोजगार सहायक पर पैसे लेकर लाभ दिलाने लगाया आरोप

जनपद पंचायत करकेली निवासी भदइया, फगुना, संजय बैगा उमरपानी निवासी ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बताया कि जनमन बैगा आवास एवं सामान्य पीएम आवास जिन व्यक्तियों को दिया गया है। उन्हें शासन से जारी दिशा निर्देशों से हटकर लाभ पहुंचाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि किसी से 10 हजार तो किसी से 20 हजार रुपए लेकर रोजगार सहायक का लाभ दिला रहा है। जिस कारण पात्र हितग्राही लाभ पाने के लिए दर दर भटक रहे है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में कई शिकायतें भी की गई थी, उन शिकायतों की जांच जनपद पंचायत करकेली सीइओ ने आज तक नहीं की। शिकायत में बताया कि जो शासकीय सेवक है और उनके पूर्व में मकान थे उन्हें भी पक्के आवास का लाभ दिया गया है। इसी तरह एकलौती संतान की भी अलग आईडी बनाकर पीएम आवास का लाभ दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण माइंस का कर्मचारी है, जिसका पूर्व से दस कमरे का मकान ग्राम उमरपानी में है तथा दूसरा व्यक्ति अपने पिता की एकलौती संतान है जिसका भी पूर्व से पक्का मकान है लेकिन उन्हें योजना का लाभ मिल गया है।
इसी तरह जनसुनवाई में मीना बैगा निवासी सस्तरा ने प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाने, राजाराम राठौर ग्राम रामपुर ने सीमांकन कराने, शिव प्रसाद कुशवाहा चंदिया ने स्थगन का पालन कराए जाने, संजय बैगा ग्राम मुण्डा ने प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार होने, जगत नारायण गुप्ता मानपुर ने जमीन का नक्सा तरमीम एवं सीमांकन कराने, रमाकांत चंदिया ने नक्सा बटांकन कराने, रघुनाथ महरा छांदाकला ने सीमांकन कराने तथा चंद्रवती यादव रथेली ने जमीन पर जबरन कब्जा होने संबंधी आवेदन किया।
ग्रामीणों ने खराब फसल का मुआवजा दिलाने की मांग
ग्राम लालपुर निवासी लालमन सिंह, राजेन्द्र सिंह, जियालाल सिंह, बाबू लाल, राधेश्याम सिंह, अमर सिंह, गुरूदेव सिंह, भवनलाल सिंह ने जनसुनवाई में बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल बोई गई थी जो कि 28 दिसंबर को हुई अधिक बारिश के कारण खराब हो गई है। बताया गया कि इस संबंध में 7 जनवरी को भी आवेदन दिया गया था जिसका निराकरण नहीं किया गया। उन्होंने फसल का निरीक्षण करते हुए समुचित मुआवजा दिलाने मांग की है।