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अंगदान दिवस पर युवाओं को किया जागरूक

कार्यशाला का हुआ आयोजन

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Youth aware on organ donation day

अंगदान दिवस पर युवाओं को किया जागरूक

उमरिया. दान का सभी धर्मों एवं सभ्यताओं में सामान महत्व है श्रमदान और संपत्तिदान से लेकर विभिन्न प्रकार के दान संसार भर में प्रचलित हैं किन्तु चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसन्धान के लिए शारीर दान एवं जीवन रक्षा के लिए अंगों एवं ऊतकों के दान का असाधारण महत्व है। जन सामान्य के बीच इस संबंध में जागृति एवं समर्पण न के बराबर है। अंगदान मतलब जीवन दान जिसका व्यापक प्रचार कर जन जागृति एवं जन स्वीकृति बनाना आवश्यक है। यह बात समाज सेवी संतोष कुमार द्विवेदी ने अंगदान दिवस पर महाविद्यालय सभागार में मॉडल कॉलेज एवं जेनिथ यूथ फाउंडेशन द्वारा अंगदान दिवस पर आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए। कार्यशाला को जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्साधिकारी डॉ.प्रमोद द्विवेदी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राधेश्याम नापित ने भी संबोधित किया। कार्यशाला का संचालन जेनिथ के सचिव बीरेन्द्र गौतम ने किया । डॉ. प्रमोद द्विवेदी ने कहा कि रक्तदान से शुरू करके हमें अंगदान तक पहुंचना है। यह एक महान कार्य है जो हमें मृत्यु के बाद कई जिंदगियां बचाने का अवसर देता है। अंग शरीर के संचालन में एक विशेष भूमिका निभाता है। जैसे ह्रदय, फेफड़े, गुर्दे, यकृत, अग्नाशय एवं आंत आदि। वे रोगी जो अंग खऱाब होने के कारण अंग विफलता के अंतिम चरण में हैं, अंगदान उनके लिए उम्मीद की किरण है। इसलिए हमें समाज में अंगदान के प्रति वातावरण निर्माण करना चाहिए।