
kidney transplant surgery
जबलपुर। राज्य सरकार की ओर से मप्र हाईकोर्ट को बताया गया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में स्पाइनल इंजुरी सेंटर व कैंसर अस्पताल सहित अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। मरीजों को बेसिक सुविधाओं के साथ सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं भी मिल रही हैं। जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस पीके कौरव की डिवीजन बेंच ने 20 सालों से लम्बित एक जनहित याचिका का पटाक्षेप कर दिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के तत्कालीन सचिव डॉ अरविंद जैन, डॉ ब्रजेश अग्रवाल व प्रीतिंकर दिवाकर (वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज) की ओर से 2001 में यह याचिका दायर की गई थी।
20 साल बाद जनहित याचिका का पटाक्षेप
इसमें कहा गया था कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। 16 नवम्बर 2021 को सरकार की ओर से प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट में सर्जरी, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं की जानकारी दी गई। कोर्ट को बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में 80 बिस्तरों का रीजनल स्पाइनल इंजुरी सेंटर चल रहा है। यहां न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी कार्डियोलॉजी व न्यूरो रेडियोलॉजी की सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं भी हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोट्र्स को संज्ञान में लेकर कहा कि अब याचिका का मकसद पूरा हो गया है। यह कहते हुए याचिका निराकृत कर दी गई। सरकार का पक्ष उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने रखा।
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इवनिंग ओपीडी शुरू होगी
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इवनिंग क्लीनिक एवं ओपीडी शुरू होगी। इसका प्रस्ताव गुरुवार को कॉलेज की कार्यकारिणी समिति की बैठक में पारित किया गया। सम्भागायुक्तबी. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन के निर्माणाधीन भवन में ऑक्सीजन लाइन, लिफ्ट और फायर सेफ्टी के कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए। ताकि, भवन में मरीजों का उपचार हो सके।
इस दौरान वायरोलॉजी लैब की जांच क्षमता बढ़ाने पर विचार हुआ। सम्भागायुक्त ने न्यूरो सर्जरी के लिए उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन न्यूरो सर्जरी एवं पलमोनरी मेडिसिन में मैनपावर और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रखरखाव को लेकर निर्णय हुए। सुरक्षा के लिए सैनिक कल्याण बोर्ड को पत्र लिखकर सेवानिवृत्त सैनिकों को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर शेखर सिंह मीणा, डीन डॉ. प्रदीप कसार, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी, स्कूल ऑफ पलमोनरी मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र भार्गव उपस्थित थे।
Published on:
07 Jan 2022 03:44 pm
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