
घाघरा नदी
गोरखपुर. कोरोना महामारी के संकट के बीच घाघरा नदी के तटवर्तियों की चिंता बढ़ गयी है। गोरखपुर मंडल में बहने वाली प्रमुख नदियों में से एक घाघरा खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इससे तटवार्ती बाढ़ और कटान की आशंका को लेकर दहशत में हैं। हालांकि प्रशासन ने बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सिंचाई विभाग के साथ ही गोला और खजनी तहसील को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही बढ़ चौकियां भी एक्टिव कर दी गयी हैं।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक घाघरा नदी मंगलवार की सुबह अयोध्या में 92.340 मीटर पर बह रही थी। पानी की तेज़ रफ़्तार के चलते शाम को जलस्तर बढ़कर 92.530 तक जा पहुंचा। पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान सिर्फ 20 सेंटीमीटर दूर 92.730 मीटर पर है। रफ्तार यही बनी रहने पर 24 से 36 घंटे के भीतर इसके खतरे के निशान को पार कर जाने की संभावना है।
घाघरा के मुख्य प्रभावित क्षेत्र गोला और खजनी तहसील हैं। तेज़ी से बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से दोनों तहसीलों के साथ ही सिंचाई विभाग को अलर्ट कर दिया है। बढ़ चौकियां सक्रिय करने के साथ ही बंधों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि प्राशासन ने अपनी तरफ से बाढ़ से निपटने के लिये तैयारियां शुरू कर दी हैं, पर पिछली बढ़ झेल चुके घाघरा के तटवर्तियों में इसको लेकर खौफ है। लोगों को डर है कि अगर बाढ़ आई तो दर्जनों घर नदी में समा जाएंगे। बताते चलें कि हर साल बाढ़ के चलते यहां कटान होता है। हालांकि राहत की बात है कि मंडल में बहने वाली अन्य नदियों रोहिन और राप्ति का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और उनका जलस्तर घट भी रहा है।
Published on:
08 Jul 2020 07:45 pm
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