
navdoot in indian railway
जबलपुर। देश में तेलों के बढ़ते दाम, बिजली उत्पादन की बढ़ती लागत के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है। इसी कदम में आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे ने विद्युत और डीजल से चलने वाले इंजनों के महंगे खर्च को ध्यान में रखकर बैटरी से चलने वाला हैवी इंजन बनाया है। ये इंजन जबलपुर मंडल में तैयार किया गया है, साथ ही इसका सफल परीक्षण भी किया गया। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस सफलता को ट््वीट करते हुए उज्ज्वल भविष्य का संकेत कहा है। उन्होंने पमरे के कार्य को खूब सराहा है। ट्रायल सफल होने पर बैटरी इंजन की पूरी दुनिया में चर्चा होना शुरू हो गई है।
रेल मंत्री ने किया ट्वीट
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अपने आधिकारिक पेज पर टï्वीट करते हुए लिखा: रेलवे के जबलपुर मंडल में बैटरी से चलने वाले ड्यूल मोड शंटिंग लोको 'नवदूत' का निर्माण किया गया, जिसका परीक्षण सफल रहा। बैटरी से ऑपरेट होने वाला यह लोको एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, जो डीजल के साथ विदेशी मुद्रा की बचत, और पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा कदम होगा।
जीएम ने ट्रैक पर चलाया लोकोमेटिव इंजन
पश्चिम मध्य रेलवे के कटनी स्थित लोको शेड में एक इंजन तैयार किया गया है, जो बिजली के साथ बैटरी से भी संचालित होगा। यह इंजन मंगलवार को मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंचा। पमरे जीएम शैलेंद्र सिंह अधीनस्थों के साथ इंजन का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान डीआरएम संजय विश्वास भी मौजूद थे। जीएम सिंह प्लेटफॉर्म-एक पर खड़े इंजन पर सवार हुए और एक किलोमीटर चलाते हुए शेड तक ले गए। इलेक्ट्रिक लाइन में चलने वाला यह इंजन उन लाइनों पर भी बैटरी के माध्यम से चलेगा, जहां विद्युत लाइनें नहीं हैं।
ऐसा है इंजन
पमरे को मिला वीएजी 12 बी लोकोमोटिव इंजन 1200 हार्स पावर का है। इसका वजन 180 टन, लम्बाई 35 मीटर है। यह अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है, जिसे 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ाया जा सकता है। लोको कैब पूर्णत: एसी है।
Published on:
08 Jul 2020 01:20 pm
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