
मेले में उमड़ी भीड़, मन्नत का धागा बांधते और सजदा करते लोग (फोटो: पत्रिका)
Laila Majnu Mazar in Anupgarh: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित बिंजौर गांव में रविवार को लैला-मजनूं की मजार पर वार्षिक मेले का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मजार पर सजदा करने और मन्नतें मांगने के लिए राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे।
मेले में नवविवाहित जोड़ों के साथ-साथ प्रेम में असफल या विवाह की प्रतीक्षा कर रहे युवक-युवतियां भी पहुंचे और लैला-मजनूं से अपने प्रेम की सफलता की दुआ मांगी। मेले की सुरक्षा के लिए बीएसएफ, पुलिस, आइबी व सीआइडी के जवान तैनात रहे। सीमा क्षेत्र में मेले के चलते अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। विभिन्न स्थानों से आए दुकानदारों ने भी दुकानें लगाई। इस बार मेला कमेटी की ओर से पार्किंग व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित किया गया। मेले के दौरान आसमान में बादलों की हल्की चादर छाई रही, जिससे तेज धूप से राहत मिली और मौसम सुहावना बना रहा। मेले में लगी बच्चों के खिलौनों से लेकर महिलाओं की चूड़ियां, सौंदर्य प्रसाधन और पारंपरिक वस्त्रों की दुकानों पर खासा भीड़ रही। खाने-पीने के स्टॉल्स पर व्यंजनों का लुत्फ उठाने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं।
मेला कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह व मुख्य सेवादार बाबा दलीप सिंह ने बताया कि वे 1962 से इस गांव में रह रहे हैं। वर्ष 1965 की बाढ़ के दौरान मजार पर पानी नहीं पहुंचा, जिसे एक चमत्कार माना गया। बाबा ने बताया कि 1972 में एक अन्य चमत्कार के बाद मजार की मान्यता और बढ़ी तथा मेले में भीड़ लगातार बढ़ती गई। मेले में कुश्ती प्रतियोगिता भी हुई जिसमें दूर-दराज से आए पहलवानों ने भाग लिया। विजेताओं को मेला कमेटी ने सम्मानित किया। मनोरंजन के लिए पंजाबी कलाकारों ने पंजाबी अखाड़ा भी प्रस्तुत किया गया। पंजाब से आए एक कलाकार ने बताया कि वे पांच वर्षों से बिना शुल्क लिए मेले में हिस्सा ले रहे हैं।
Updated on:
16 Jun 2025 10:05 am
Published on:
16 Jun 2025 09:54 am
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