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पर्याय उत्सव : ईशप्रिय स्वामी आज संभालेंगे दायित्व

संत मध्वाचार्य की तपोभूमि उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में दो वर्ष पूजा का अधिकार तथा इस मठ के निर्वहन का दायित्व बारी-बारी से यहां के आठ मठों के प्रतिनिधि संभालते रहे हैं। इस क्रम को पर्याय कहा जाता है। इस बार 250वें पर्यायोत्सव में अदमार मठ के ईशप्रिय तीर्थ स्वामी शनिवार को दायित्व संभालेंगे।

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पर्याय उत्सव : ईशप्रिय स्वामी आज संभालेंगे दायित्व

पर्याय उत्सव : ईशप्रिय स्वामी आज संभालेंगे दायित्व

बेंगलूरु. संत मध्वाचार्य की तपोभूमि उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में दो वर्ष पूजा का अधिकार तथा इस मठ के निर्वहन का दायित्व बारी-बारी से यहां के आठ मठों के प्रतिनिधि संभालते रहे हैं। इस क्रम को पर्याय कहा जाता है। इस बार 250वें पर्यायोत्सव में अदमार मठ के ईशप्रिय तीर्थ स्वामी शनिवार को दायित्व संभालेंगे। इस उपलक्ष्य में शुक्रवार देर रात से अनुष्ठान शुरू हो गए। शनिवार देर रात तक विभिन्न धार्मिक रिवाज पूरे होंगे। वर्ष 2017 से वर्ष 2019 तक यह दायित्व पलमार मठ को था। इस मठ के प्रमुख स्वामी विद्याधीश तीर्थ ने अदमार मठ को दायित्व सौंपा है।
शनिवार सुबह 5 बजकर 57 मिनट के शुभ मुहूर्त पर ईशप्रिय तीर्थ स्वामी श्रीकृष्ण मठ के 33वें प्रमुख के रूप में दायित्व संभालेंगे। इस हस्तांतरण के दौरान स्वामी विद्याधीश तीर्थ अदमार मठ के ईशप्रिय तीर्थ स्वामी को अक्षयपात्र के साथ श्रीकृष्ण के पूजा पात्रों आदि का हस्तांतरण करेंगे।
शनिवार तड़़के 1 बजकर 20 मिनट पर अदमार मठ के ईशप्रिय तीर्थ स्वामी उडुपी से लगभग 15 किलोमीटर दूर दंडतीर्थ सरोवर में स्नान तथा पूजा के पश्चात उडुपी के बाहरी क्षेत्र में पहुंचेंगे, वहां उडुपी के अष्ठ मठों के प्रमुख स्वामी उनका स्वागत करेंगे। यहीं पर अदमार मठ के इष्ट देवता का पूजन होगा। 1 बजकर 50 मिनट पर लोक कलाकार, विभिन्न झांकियों समेत भव्य शोभायात्रा के साथ स्वामी उडुपी श्रीकृष्ण मठ परिसर में सुबह 5.30 बजे पहुंचेंगे। 5 बजकर 57 मिनट पर दायित्व का हस्तांतरण होगा। उसके पश्चात सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण की महापूजा होगी।
दोपहर 2.30 बजे आयोजित उडुपी के आठों मठों के प्रमुख स्वामी का दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा, मैसूरु के पूर्व शाही परिवार के यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार आदि उपस्थित रहेंगे। इस दरबार में आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।