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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने निकाला मशाल जुलूस, कहा प्रदेश सरकार जा रही है घोषणा पत्र के खिलाफ

आंगनवाड़ी कार्यकत्री संगठन के बैनर तले विगत 44 दिनों से हड़ताल पर बैठी हैं।

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Anganwadi Workers

Anganwadi Workers

उन्नाव. भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में वादा किया गया था कि सरकार बनने के 120 दिनों के अंदर आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका को सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा। परंतु 6 माह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा उनकी समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला। जिस से आक्रोशित आंगनवाड़ी कार्यकत्री संगठन के बैनर तले विगत 44 दिनों से हड़ताल पर बैठी हैं। सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। इसी संदर्भ में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में आंगनवाडी कार्यकत्री मशाल जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची और उन्होंने वहां ज्ञापन दिया। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकत्री जबरदस्त नारेबाजी करते हुए चल रही थी।

44 दिनों से चल रही कलमबंद हड़ताल-

महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री सुधा अवस्थी ने बताया कि हमारा कार्य बहिष्कार चल रहा है। जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती हैं। तब तक हम काम बंद, कलमबंद हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि विगत 44 दिनों से उनकी हड़ताल चल रही है। परंतु प्रदेश की योगी सरकार हमारी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार बधुआ मजदूर की भांति आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से अपने विभागों का कार्य ले रही है। किंतु मजदूर के समान भी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मानदेय नहीं दे रही है। जब तक सरकार हमारी मांग घोषणा पत्र के अनुसार नहीं मानती है, तब तक उनका कलमबंद काम बंद हड़ताल जारी रहेगा।

सरकार घोषणा पत्र में किए गए वादे पूरा नहीं कर रही-

सुधा अवस्थी ने बताया कि सरकार ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी को ₹15000 और सहायिका को ₹10000 का मानदेय दिया जायेगा। लेकिन 6 महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है जिसका घोषणापत्र में भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था। उन्होंने अपनी अन्य मांगों के संबंध में बताया कि श्रम कानून यानी ट्रेड यूनियन एक्ट में दर्ज आंगनवाड़ी संघ को मान्यता दे और हर तीसरे महीने आंगनवाड़ी संघ की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करें। सरकार विगत 28 सितंबर 2016 को मुख्य सचिव के साथ हुए समझौते को लागू करें। इसके साथ ही उनकी 13 सूत्री मांगों को पूरा किया जाए। अपने ज्ञापन में उन्होंने बताया कि विभिन्न तारीखों को आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले शासन के समक्ष मांग पत्र प्रस्तुत किया गया था जिसे शासन द्वारा पूरा किया जाए। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तब तक उन की हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर संघ के जिला अध्यक्ष माधुरी कुशवाहा, शैलेंद्री गौड़, रामकुमारी बाथम, गीता देवी, सुधा मौर्य, गीता पाल, ममता कुशवाहा, सत्यवती, चमेली देवी, गिरिजा देवी सहित बड़ी संख्या में आंगनवाडी कार्यकत्री मौजूद थी। जो हाथों में मशाल लेकर चल रही थी।