
जब नहीं दिखा कोई रास्ता तो लिख दिया राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को खून से पत्र
उन्नाव। पाटीॅ के शीर्ष नेता प्रदेश युवा मोर्चा संगठन में दूसरे दल के बाहरी चाटुकार नेताओं को अपने स्वार्थ के लिए प्रदेश कार्य समिति में स्थान देकर पाटीॅ की छवि खराब करने में जुटे हुए हैं। पाटीॅ के कर्मठ कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान देने से युवा मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष नजरअंदाज कर रहे हैं। यह आरोप मोहान विधानसभा क्षेत्र के नईसराय निवासी प्रदेश कार्यसमिति पूर्व सदस्य भारतीय जनता युवा मोर्चा हरीश महाराज ने अपने शीर्ष नेतृत्व पर लगाया है। मोहान विधानसभा क्षेत्र एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हरीश महाराज के पक्ष में हाथ खड़े किए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब देश - प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी। तब उन लोगों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया। अब जबकि सरकार बन गई। तब शीर्ष नेतृत्व कार्यसमिति में चाटुकारों को निजी स्वार्थ के लिए जगह दे रही है। इस संबंध में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अमित शाह को अपने खून से पत्र लिखकर अपनी बात रखी है।
प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व पर उठाया सवाल
युवा मोर्चा के प्रांतीय पूर्व सदस्य हरीश महाराज ने अपने हाथ की नस काटकर खून से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा पूनम महाजन को को पत्र लिखकर प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। खून से लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि वह 17 वर्ष की उम्र से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में ईमानदारी व निष्ठा से काम कर रहा हूं। तब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी। आज जबकि दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। युवा मोर्चा संगठन में दूसरे दल के बाहरी नेताओं को प्रदेश स्तर पर रखकर बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। खून से लिखे पत्र में उन्होंने पार्टी को बचाने की मांग की है क्षेत्रीय विधायक पर भी युवा कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना था कि क्षेत्रीय विधायक दूसरे दलों से आए कार्यकर्ताओं को महत्व देते हैं।
हरीश महाराज के समर्थन में उतरे दर्जनों कार्यकर्ता
हरीश महाराज के समर्थन में मोहान विधानसभा के दर्जनों कार्यकर्ता सामने आए हैं। जिनमें गुड्डन निगम, हर्षित श्रीवास्तव, मिलन पांडे, आनंद सैनी, अजय शुक्ला, सर्वेश रावत, अभिषेक मिश्रा, ऋषि सिंह आदि शामिल है। जिन्होंने कहा कि वह लोग विगत दो दशकों से पार्टी की सेवा में लगे हैं। उस समय देश प्रदेश में भाजपा की सरकार भी नहीं थी। आज जबकि दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व द्वारा पार्टी संगठन में बाहरी लोगों को निजी स्वार्थ के लिए रखा जा रहा है। माननीय को बाहरी लोग पसंद आ रहे हैं। यह पार्टी के संगठन में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे बढ़कर ऐसे लोगों का विरोध किया जाएगा। इसे क्षेत्रीय विधायक मोहान विधानसभा के खिलाफ विरोध के स्वर फूटना भी कहा जा रहा है। जिनके ऊपर कार्यकर्ताओं ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को कार्यकर्ताओं की नाराजगी से नुकसान हो सकता है।
Updated on:
07 Aug 2018 09:38 am
Published on:
06 Aug 2018 08:54 am
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