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उन्नाव लखनापुर सीएचसी का बुरा हाल: एक चिकित्सा अधिकारी के सहारे चल रहा स्वास्थ्य केंद्र

सीएमओ ने बताया कि लखनापुर हसनगंज के निरीक्षण की मूल प्रति अभी नहीं मिली है। जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है।

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प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को लगे जमकर फटकार

निरीक्षण करते उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार दौरे कर रहे हैं। उन्नाव का भी उनका दौरा कर चुके हैं। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को देख चुके हैं।‌ लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं में इसका असर नहीं पड़ रहा है। बीते 20 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश राज्यपाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्याम त्रिपाठी ने हसनगंज सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण की मूल प्रति अभी नहीं मिली है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के विषय में जानकारी देने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य लखनापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के विषय में जानकारी प्राप्त की। 11 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। जिनके खिलाफ उन्होंने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जच्चा बच्चा वार्ड की स्थिति देखकर काफी नाराज हुए। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई। साफ सफाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों को काफी असुविधाएं हो रही हैं

आशा खेड़ा हिम्मतगढ़ निवासी रामबाबू ने बताया कि लखनापुर स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति काफी दयनीय है। स्वास्थ्य कर्मियों के ना तो आने का समय और ना ही जाने का। समझ में कई बार शिकायत की गई। कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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सीएमओ ने बताया सीएचसी में केवल एक डॉक्टर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि लखनपुर में केवल एक डॉक्टर की तैनाती है। जो प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिले के कई अन्य अस्पतालों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ही तैनात हैं। राज्य आयोग के सदस्य के निरीक्षण की मूल प्रति अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।