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छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिन हिंदू साम्राज्य दिवस – हिंदू जागरण मंच

- छत्रपति शिवाजी महाराज की आरती उतार पुष्पांजलि अर्पित - गरीबों की बीच फल व भोजन का वितरण

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छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिन हिंदू साम्राज्य दिवस - हिंदू जागरण मंच,छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिन हिंदू साम्राज्य दिवस - हिंदू जागरण मंच

छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिन हिंदू साम्राज्य दिवस - हिंदू जागरण मंच

उन्नाव. छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के दिन आज हिंदू जागरण मंच ने हिंदू साम्राज्य दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर छत्रपति शिवाजी महाराज की आरती उतार पुष्पांजलि अर्पित की गई और गरीबों के बीच फल व पूजन का वितरण किया गया। इस मौके पर मंच के प्रांतीय मंत्री व प्रभारी विमल द्विवेदी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण कार्यालय में ही छत्रपति शिवाजी को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया और नगर में ही गरीबों के बीच रोज की तरह फल और भोजन का वितरण किया गया।

विमल द्विवेदी ने बताया कि आज ही के दिन 1674 में छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। जो उस समय की एक बड़ी क्रांतिकारी घटना थी। शिवाजी हमारे लोक नायक है एवं वंदनीय हैं। ऐसे समय जब देश मुगलों के अत्याचारों से कराह रहा था। मथुरा, काशी में मन्दिरों का प्रायोजित विध्वंस हो रहा था, हिंदुओं से गंगा स्नान पर भी जजिया वसूला जा रहा था। ऐसे समय सन 1674 ई में आज ही के दिन तिथि अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी को छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। जो उस समय की एक बड़ी क्रांतिकारी घटना थी। उन्होंने सम्पूर्ण भारतवर्ष में कटक से अटक तक भगवा लहराने का संकल्प कराकर स्वराज का एलान किया था। आगे इस सपने को लाखों मराठों ने बलिदान देकर पूरा किया। पेशवा बाजीराव बल्लाल (प्रथम) ने इस सपने को पूरा किया। जब वो दक्षिण के निजाम को पराजित कर ताकतवर मुगल सत्ता को धता बताते हुए 28 मार्च 1737 तक देल्ही तक पहुँच चुके थे। 3 दिनों में मुगल सत्ता के प्रतीक लालकिले को बंधक बना लिया था। यही मराठा साम्राज्य मई 1758 तक वर्तमान पाकिस्तान के अटक तक पहुँच गया था। विमल द्विवेदी ने कहा इन महापुरुषों के कारण ही हिंदुत्व आज तक जीवित है। जबकि इस्लामिक आक्रान्ताओं ने कई सभ्यताए मिटा दी थी। इस दौरान मंच के जिलाध्यक्ष अजय त्रिवेदी, विकास सिंह सेंगर, धर्मेन्द्र शुक्ला, मनीष अवस्थी, शिव सेवक त्रिपाठी, शिवम् आजाद, राजेश शुक्ला, अंशू शुक्ला आदि भगवा रक्षक मौजूद थे।