
पटाखा बाजार से चीनी उत्पाद गायब, देसी पटाखों का बाजार में दिख रहा दबदबा
उन्नाव. भारत और चीन की सीमा पर हुई तनातनी के बाद चीनी उत्पादों के हो रहे विरोध का असर दिखने लगा। पटाखा उद्योग से चीनी उत्पाद गायब हो चुका है। देसी उत्पादों ने बाजार में अपना दबदबा फिर से बना लिया है। सोशल मीडिया और हिंदू संगठनों ने जिस प्रकार से चीनी पदार्थो व पटाखा के बहिष्कार के लिये लगातार आंदोलन और विभिन्न स्तरों में आम लोगों को दूर रहने के लिये जागरूक कर रही है। उसका असर आज दिख रहा है। पटाखा बाजार से चीनी फुलझड़ी, राकेट, चकरघिन्नी आदि गायब है। इस सम्बंध में बातचीत करने पर पटाखा व्यवसाई ने बताया कि पूरे पटाखा बाजार में एक भी चाइनिज आइटम खोजने से नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि शहर में पटाखा के व्यापारियों को शहर से बाहर दोस्ती नगर में जगह दी गई है। जहां थोक व फुटकर व्यापारी अपना व्यवसाय कर रहे हैं। इस समय शहर में जनपद में लगभग आधा सैकड़ा लाइसेंसधारक व्यापारी कार्य कर रहे हैं।
बाजार में दिवाली की रौनक छायी
जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है। बाजार मैं दिवाली की रौनक छाने लगी। चारो तरफ चहल पहल है। विगत कई बरसों से दिवाली के बाजार में चीनी उत्पादों का दबदबा था। पटाखा उद्योग के साथ झालर और इलेक्ट्रानिक बाजार पूरी तरह चाइनिज पदार्थो से पटा रहता था। परंतु सीमा पर बढ़ते तनाव ने चीनी बाजार को जबरदस्त झटका दिया। यूज एण्ड थ्रो के नाम से फेमस चाइनिज आइटम ने एक तो करेला दूजे नीम चढा को चारितार्थ करने का काम सीमा पर हुये तनाव ने कर दिया। युद्ध की आशंका से देश के अंदर काफी तनाव था। जिसके विरोध में हिन्दू संगठनों ने जम कर प्रदर्शन किया। चाइनिज उत्पादों की होली भी जलायी गई। सोशल मीडिया ने भी चाइनिज उत्पादों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जिसका असर जनपद के बाजार में पूरी तरह दिखाई पड़ रहा है। पटाखा सामग्री के साथ इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों पर भी असर पड़ा। दुकानदार भी देश पर बनते माहौल के हिसाब से अपने को ढालने के लिए तैयार कर लिया है और पटाखा दुकानों से चीनी आइटम नदारद हैं। उन्होने बताया कि चीनी पदार्थ स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। प्रदूषण बढ़ाने में चीनी आइटम महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। जनपद का व्यापारी भी चीनी उत्पादों के खिलाफ एकजुट है।
पटाखा दुकानों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
इस संबंध में बातचीत करने पर दोस्ती नगर में पटाखा का स्थाई लाइसेंस धारक मोहम्मद अहमद ने बताया कि दोस्ती नगर के पटाखा बाजार से चीनी आइटम पूरी तरीके से गायब है। एक भी चाइनीज रवाइस देखने को नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि बंदी के पूर्व वह लोग चीनी आइटम नहीं बेचते थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि ग्राहक की मांग का असर दुकानदारों पर नहीं पड़ता है। जो दुकानदार के पास होगा वही आईटम बेचा जाता है। आज की तारीख में पटाखा बाजार से चीनी उत्पाद पूरी तरह से गायब है। जब किसी दुकानदार के पास है ही नहीं तो कम्पीटीशन भी नही। उन्होने बताया कि सुरक्षा की दृष्टिकोण से उन्होनें मानक के अनुरूप सारी व्यवस्था कर रखा है। जिसमें सीज फायर के साथ ड्रमों में पानी के साथ बालू भी रखा मिला। वहीं एक अन्य व्यापारी ने बताया कि जीएसटी की मार से व्यापार चौपट हो गया। बिक्री में काफी गिरावट आ गयी है। ग्राहको की संख्या में काफी गिरावट आ गयी है। उन्होने आशा व्यक्त किया कि दिवाली के नजदीक आने पर शायद बिक्री में तेजी आयी।
Published on:
09 Oct 2017 01:58 pm
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