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देहरादून: उन्नाव की अपर जिला जज के खिलाफ मुकदमा

अपर जिला जज पर आरोप है कि उन्होंने थाने में पुलिसकर्मियों से हाथापाई की और सरकारी कार्य में बाधा डाली।

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jaya pathak

देहरादून: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के परिवार न्यायालय की अपर जिला जज के खिलाफ देहरादून पुलिस ने फौजदारी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय से इस सिलसिले में ली गयी स्वीकृति के बाद पुलिस की और से यह कार्रवाई की गयी। पूरा मामला यहाँ एक यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों में हए टकराव के दौरान पुलिस हस्तक्षेप से उपजे विवाद का है। अपने बेटे पर पुलिस के बल प्रयोग पर भड़की अपर जिला जज पर आरोप है कि उन्होंने थाने में पुलिसकर्मियों से हाथापाई की और सरकारी कार्य में बाधा डाली।

दरअसल प्रेमनगर क्षेत्र स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेट्रोलियम एनर्जी एंड साइंस के दो छात्रों रोहन पाठक, गोमती नगर लखनऊ और प्रभात आर्य, डिफेन्स कॉलोनी, मेरठ में 11 तारीख को कार की तेज़ रफ़्तार को लेकर विवाद हो गया था। तू-तू, मैं-मैं से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि बाद में दोनों छात्रों और उनके समर्थकों में पौंधा रोड स्थित बॉयज हॉस्टल में मारपीट हो गयी। तब तो आस-पास के लोगों ने बीच बचाव कराकर मामला शांत करा दिया पर अगले दिन कन्डोली स्थित यूनिवर्सिटी कंपाउंड में दोनों गुट के छात्रों में फिर से मारपीट हो गयी। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

पुलिस के मुताबिक़ यूनिवर्सिटी की डिसिप्लिनरी कमेटी के सदस्यों और पुलिसकर्मियों ने दोनों गुटों के छात्रों को समझाने की काफी कोशिस की लेकिन वे नहीं माने। इस पर दोनों पक्षों को पुलिस थाने ले गयी। इसपर दोनों पक्षों की ओर से एक दुसरे को तहरीर दी गयी जिसपर दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस बीच रोहन पाठक की मां जया पाठक जो उन्नाव जिला में परिवार न्यायालय की अपर जिला जज हैं अपने पति देवेश पाठक के साथ दिन में 2 बजे के करीब थाने में आ धमकी। देवेश पाठक लखनऊ में सरकारी वकील है। पुलिस के मुताबिक़ अपनी मां को देखते ही रोहन भड़क उठा और थाने के गेट पर कड़ी दूसरे पक्ष की कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

कार के शीशे तोड़ने पर पुलिसकर्मियों ने रोहन पाठक को पीट दिया। उस समय पुलिस कर्मी पूरे मामले की विडियोग्राफी भी कर रहे थे। यह देख जया पाठक भड़क गयी और उसने पुलिसकर्मियों से हाथापाई और अभद्रता शुरू कर दी। विडियो बना रहे पुलिस कर्मियों से भी खुद को जज बताते हुए गालीगलौज और मारपीट की गयी। पुलिस को बेटे के खिलाफ कोई कारवाई ना करने के लिए भी धमकाया गया। इस प्रकरण को लेकर थाना प्रेमनगर की और से पुलिस के रोजनामचे में पूरी घटना को दर्ज किया गया। पुलिस का आरोप है की मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के समक्ष भी जाया पाठक ने अभद्रता की। इसके बाद पूरा मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती के संज्ञान के लाया गया।

जया पाठक के खिलाफ इल्लाहाबाद उच्च न्यायालय को अवगत कराते हुए कानूनी कारवाई करने के लिए अनुमति मांगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 19 सितम्बर के अपने आदेश में अपर जिला जज के खिलाफ कारवाई करने की मंजूरी दे दी। शुक्रवार को पुलिस ने जया पाठक के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने, सरकारी कर्मचारी से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया।

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