
अदालत से मिली कुकर्म की ये सजा, अब तोड़ेगा जेल की रोटी, जाने कितनी मिली सजा
न्यायालय ने 2016 में हुई कुकर्म की घटना में शामिल आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित ने थाना में तहरीर देकर बताया था कि उनके 12 साल के पुत्र को युवक बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया। जान उसके साथ गलत काम किया। साथ ही धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। रोते बिलखते पुत्र जब घर पहुंचा तो उसने पिता को घटना की जानकारी दी। इस संबंध में बिताने थाना में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई 4 ग्राम पुलिस में मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। बीते शुक्रवार को अदालत ने उपरोक्त मामले पर निर्णय सुनाया। जिसमें 10 साल की सजा और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया इसके साथ ही एक अन्य धारा में भी दर्ज मुकदमे पर भी सजा सुनाई गई।
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पीड़ित परिवार की तहरीर पर अजगैन थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 377/506 व 5/6 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें महेंद्र सिंह पुत्र महेश सिंह निवासी बगेहरी थाना अजगैन आरोपी था। विवेचना के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और न्यायालय ASJ XI POCSO ACT की अदालत में प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत में महेंद्र सिंह को दोषी माना और आईपीसी की धारा पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दोषी माना।
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मिली यह सजा
जिसमें 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही ₹20 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया। जबकि आईपीसी की धारा 506 में दर्ज मुकदमे पर भी निर्णय दिया गया जिसमें आरोपी को 2 साल की सजा और ₹1 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। ₹20 हजार का अर्थदंड अदा कर पाने पर 6 महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा होगी जबकि ₹1 हजार का जुर्माना न अदा करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
Published on:
26 Mar 2022 08:33 am
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