
Unnao Crime
उन्नाव. तुम हमारी जाति की नहीं हो। तुम नीची जाति के हो और हम कुम्हार हैं। तुम्हारे कारण हमारे रिश्तेदार घर में पानी तक नहीं पीने आते। अब हम तुमको अपने घर में नहीं रखेंगे। कोर्ट मैरिज के पांच साल बाद ससुराल वाले व पति ने उक्त बातें विवाहिता से कहीं। विवाहिता ने उन्हें लाख समझाने और मनाने की कोशिश की, लेकिन ससुरालीजनों का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार विवाहिता को अपना ससुराल छोड़कर मायके आना पड़ा।
अपने मायके आकर उसने अपना सारा दु:ख अपने परिजनों को सुनाई तो वे भी पहले थोड़ा दुखी हुए, लेकिन उन्होंने विवाहिता की हिम्मत बंधाते हुए उसके ससुराल वालों से बात करने की बात कही। इसके बाद परिजन विवाहिता को लेकर उसके ससुराल गए। यहां परिजनों ने ससुरालीजनों को समझाया, मनाया। किसी तरह ससुराल वाले मान गए और परिजनों ने अपनी बेटी को वहीं छोड़कर वापस चले गए। विगत 29 सितम्बर को जानकारी मिली की उनकी बेटी को मार दिया गया है। यह सुनकर परिजनों पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। मृतका की मां ने मांखी व अचलगंज थाना में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तुम्हारे कारण रिश्तेदार घर हमारे यहां पानी तक नहीं पीते...
मामला अचलगंज थाना क्षेत्र के गांव बेथर का है। माखी थाना क्षेत्र के गांव डहिया अहरा निवासी सुंदर पासी ने थाने में दिये अपने तहरीर में बताया है कि उनकी बेटी ने अचलगंज थाना क्षेत्र के गांव बेथर निवासी शेलू पुत्र लल्ला के साथ कोर्ट में मैरिज किया था। उन्होंने बताया कि पांच साल से सब कुछ ठीक चल रहा था। कोई परेशानी नहीं थी। इधर विगत पांच-छह माह से ससुराल वाले बेटी को परेशान करने लगे थे। ससुराल वाले कहते थे कि तुम्हे घर पर नहीं रखेंगे। क्योंकि, तुम नीची जाति की हो। तुम्हारे कारण हमारे रिश्तेदार घर नहीं आते हंै और न ही हमारे यहां पानी पीते हंै।
नहीं सुन रही पुलिस, न्याय के लिए भटक रहे परिजन
मतृका के परिजनों ने बताया कि विगत तीन-चार माह पूर्व विवाहिता मीना उम्र 26 ने यह बाते अपने परिजनों को बताई। इसके बाद मीना के मां-बाप ने उसके ससुराल जाकर ससुरालीजनों से बातचीत की और समझा बुझाकर अपनी बेटी को वहीं छोड़ कर चले आए थे। उन्होंने बताया कि विगत 29 सितम्बर को उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बेटी की हत्या कर गायब कर दिया गया है। उन्हें उनकी बेटी का शव भी नहीं देखने दिया गया। सुन्दर ने बताया कि इस संबंध में अचलगंज और माखी थाना पुलिस को लिखित तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बार-बार गुहार के बाद भी पुलिस हमारी नहीं सुन रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को एक को भी एक पत्र दिया था, परंतु अभी तक उन्होंने भी कार्रवाई के लिए कोई आदेश नहीं दिया है। न तो पुलिस मुकदमा पंजीकृत कर रही है और न ही उनकी बेटी का कुछ पता चल रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगायी है।
Updated on:
6 Nov 2017, 6:58 PM IST
Published on:
6 Nov 2017, 6:58 PM IST
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