
फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अनजान
उन्नाव. जनपद में फ्लोराइड की समस्या नासूर बन चुकी है। दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ चुके हैं। प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा फ्लोराइड की समस्या से निजात पाने के लिए तमाम योजनाएं लेकर आई। लेकिन जमीनी हकीकत में कोई परिवर्तन नहीं आया। आज नवाबगंज विकासखंड का गांव मार्क्स नगर फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहा है। फ्लाइट के कारण गांव में विकलांगता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहे गांव जन जागरूकता बढ़ाने के लिए टीम भेजी है। जो फ्लोराइड की समस्या से होने वाली बीमारियां से बचने उपाय बता रही हैं। जिला प्रशासन ने काउंसलर की मदद से भी जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बातचीत करने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कार्यक्रम चलाया जाता था। जो इस वर्ष नहीं चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से कार्यक्रम के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।
प्रधान की शिकायत पर पहुंची स्वास्थ्य टीम
नवाबगंज विकासखंड का गांव मार्क्स नगर मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जहां पर उन्होंने फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की थी। नेताजी के नाम से मशहूर मार्क्स नगर के निवासी आज शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां के हैंडपंप फ्लोराइड युक्त पानी दे रहे हैं। जबकि गांव से ही बड़ी नहर गुजरी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन लोगों की हड्डियां टेढ़ी हो गई है। इस संबंध में बातचीत करने पर ग्राम प्रधान जय सिंह ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से गांव की समस्याओं को रखते हुए निस्तारण की मांग की थी।
कई ग्रामीणों में मिली फ्लोरोसिस की मात्रा
जिस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में टीम भेजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया था । विगत बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसमें 9 मरीज फ्लोरोसिस की बीमारी से ग्रसित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम को कई बुजुर्ग लोगों की हड्डियां टेढ़ी मिली। स्वास्थ्य टीम को निरीक्षण के दौरान 72 वर्षीय रामकुमार, कमला, राम शंकर शर्मा, मुन्नीलाल, बलदेव, श्यामलाल, अनिरुद्ध, जवाहरलाल आदि लोगों मैं फ्लोरोसिस की मात्रा पाई गई।
ग्राम प्रधान ने कहा शीतल पेय बनाने वाली फैक्ट्री बढ़ा रही भूगर्भीय फ्लोराइड की मात्रा
इस संबंध में बातचीत करने पर ग्राम प्रधान जय सिंह ने बताया कि गांव के नजदीक ही शीतल पेय बनाने वाली कंपनी ने अपना प्लांट लगा रखा है। जो बड़े पैमाने पर भूगर्भीय जल को खींचकर पीने वाले पानी का सप्लाई करता है। वहीं दूसरी तरफ इस प्रक्रिया में निकलने वाला गंदा पानी सीधे भूगर्भीय जल में गिराते हैं। जिससे फ्लोराइड की मात्रा और भी बढ़ रही है। गौरतलब है ग्रामीणों ने वाटर प्लांट के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन धरना प्रदर्शन किया था। लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन से फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Updated on:
14 Jun 2018 06:43 pm
Published on:
14 Jun 2018 09:26 am
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