
कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव: लोगों को हंसाने वाला आज सभी को रुला कर चला गया
दुनिया को हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव उर्फ गजोधर भैया हां सबको रुला कर चले गए उनके पैतृक गांव में मातम छा गया है। राजू श्रीवास्तव को याद कर दुखी है लोगों का कहना है कि काफी संघर्षों के बाद राजू श्रीवास्तव ने सफलता प्राप्त की है। बीघापुर विकास खंड के गांव मगरायर निवासी चाचा वेद विक्रम श्रीवास्तव ने बताया कि राजू का बचपन का काफी समय यहां पीता है। उन्हें नहीं पता था कि इतनी जल्दी चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह राजू के पिता रमेश चंद श्रीवास्तव की हास्य रस के कवि थे। उन्हें 'बलाई काका' के नाम से जाना जाता था। बचपन से ही अपने पिता की कविताओं को अच्छी तरह से सुनता था और उन्हीं की तर्ज पर राजू श्रीवास्तव बोलना शुरू किया।
एक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राजू श्रीवास्तव बिना बताए एक कार्यक्रम में भाग लेने चले गए। जिससे उनके माता-पिता नाराज हो गए और उन्होंने बहुत डांटा। नाराज होकर राजू मगरायर आ गए। यहां लगभग 3 महीने रुके थे और यहीं से काम के लिए मुंबई निकल गए। 1983 में मुंबई गए राजू श्रीवास्तव ने कॉमेडियन और मिमिक्री में नाम कमाया। ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में भाग लेने के बाद 2005 में उन्हें पहचान मिली। इसके साथ ही कई कॉमेडी शो में भी उन्होंने अपना प्रदर्शन किया। कई फिल्मों और सीरियल में भी काम करने का मौका मिला। आज राजू श्रीवास्तव कॉमेडी ऑफ दक्षिणी कहे जाते हैं।
दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया
राजू श्रीवास्तव की शादी 1993 में हुई थी। जिनके दो बच्चे अंतरा और आयुष्मान श्रीवास्तव है। ससुराल फतेहपुर में है और उनकी पत्नी का नाम शिखा श्रीवास्तव है। राजू श्रीवास्तव को कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। जिनमें 2016 में यश भारती अवार्ड, 2017 में दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवार्ड शामिल है। 2020 में चुने गए 100 भारतीय व्यक्तित्व में से एक थे। हास्य कलाकार लक्ष्य निगम ने राजू श्रीवास्तव उर्फ गजोधर भैया को याद करते हुए कहा कि सबको हंसाते वाले रुला कर चले गए बहुत याद आएंगे।
Published on:
21 Sept 2022 02:27 pm
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