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नगर पालिका परिषद के सभासदों ने जिलाधिकारी को दिया सामूहिक इस्तीफा, मचा हड़कंप

- अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अध्यक्ष के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए दिया इस्तीफा - आरोप ई-टेंडरिंग दिखावा, टेंडर मिलता है चाहेतो को - करोड़ों रुपए का हो रहा वारे न्यारे

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सभासदों का इस्तीफा

नगर पालिका परिषद के सभासदों ने जिलाधिकारी को दिया सामूहिक इस्तीफा

उन्नाव. नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष के ऊपर भ्रष्टाचार, अनियमितता, लापरवाही का आरोप लगाते हुए सभासद और ने जिलाधिकारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। जिसमें उन्होंने नगरपालिका के ऊपर गंभीर आरोप लगाया है। सभासदों का कहना था। ई टेंडरिंग होने के बाद भी पुराने और चहेते ठेकेदारों को ही काम मिलता है। बड़े बड़े कामों को वर्क ऑर्डर से कराने के लिए छोटे कामों में बदल दिया जाता है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने कहा है सभासदों द्वारा बताई गई अनियमितताओं की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है नगर पालिका परिषद उन्नाव में समाजवादी पार्टी की उषा कटिहार अध्यक्ष पद पर मौजूद है। जिन के प्रतिनिधि के रूप में उनका पुत्र प्रशांत उर्फ मंटू कटिहार नगरपालिका में सक्रिय भूमिका अदा करता है।

31 सभासदों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

नगर पालिका परिषद उन्नाव के 31 सभासदों ने आज जिला अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा दिया है। इस मौके पर उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सभासदों का आरोप है -

- बोर्ड के फंड सहित कई अन्य मदों से वर्क ऑर्डर के जरिए छोटी फाइलें बनाकर करोड़ों रुपए वारे न्यारे किए जा रहे हैं

- ई टेंडरिंग होने के बावजूद बिजली पानी व अन्य कार्यो के टेंडर चहेते ठेकेदारों को मिल रहा है।

- कूड़ा गाड़ियों का वजन मानक से बहुत कम है। पुरानी गाड़ियों को पेंट करके नई गाड़ी का रूप दिया जा रहा है।

- उत्तर प्रदेश राज्य वित्त में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है

- प्राइवेट रूप से वार्डों का सर्वे, प्राइवेट सफाई व्यवस्था की संरचना में भी मनमाना रवैया अपनाकर घालमेल किया गया।

- पूरे शहर में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची है।

- मानसून निकट होने के बाद भी गंदे पानी की निकासी के लिए गत वर्ष योजना नहीं बनी है।

ऐसे में आम जनमानस सभासदों को शक की निगाह से देख रहा है। इसलिए सभासद सामूहिक इस्तीफा देने को विवश है।

जिलाधिकारी ने कहा

इस संबंध में जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि सभासदों ने मुलाकात करके अपनी बात रखी है। उन्होंने इस्तीफा भी दिया है। सभासद से मिली जानकारी के बाद कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।