
सरकारी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम बनाने का सपना टूटा, नहीं मिल रहा कोई काबिल टीचर
उन्नाव. इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक खोजे नहीं मिल रहे हैं। जबकि नया सत्र 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है। जबकि तमाम इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूलों में छात्रों का प्रवेश हो चुका है। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने भी कमर कस इंग्लिश मीडियम स्कूलों को सफल बनाने की योजना बनाई गई थी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूलों के मानक को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन स्थिति यह है कि नगर क्षेत्र में ही प्रधान व सहायक शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी। जनपद के सभी 16 ब्लॉकों व नगर क्षेत्र के 5 - 5 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाने की योजना थी। योग्य शिक्षक के न मिल पाने के कारण इनकी संख्या घटा दी गई। अब जिले में कुल 25 विद्यालय खोले जा रहे थे। लेकिन इन विद्यालयों के लिए भी योग्य इंग्लिश टीचर नहीं मिल पाए।
10 ब्लॉक को नहीं मिल पाए प्रधान शिक्षक
प्रदेश सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत जनपद के सभी विकासखंडों में 5 - 5 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने जाने के निर्देश दिए थे। जिसका प्रयास भी किया गया। लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए योग्य शिक्षक नहीं मिल पाए। जनपद के नगर क्षेत्र के इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए प्रधान शिक्षक और सहायक शिक्षक का पद सत्र शुरू होने के बाद भी खाली पड़ा है। यही स्थिति जनपद के अन्य विकासखंडों में स्थित विद्यालयों की है। सफीपुर विकासखंड में प्रधान शिक्षक के रूप में एक शिक्षक का चयन किया गया है जबकि सहायक शिक्षक के रूप में 2 शिक्षक सामने आए हैं। इसी प्रकार मियागंज में एक प्रधान शिक्षक व 2 सहायक शिक्षक, सिकंदरपुर कर्ण में छह प्रधान शिक्षक 4 सहायक शिक्षक, सिकंदरपुर सरोसी में एक प्रधान शिक्षक 2 सहायक शिक्षक, बिछिया में 6 प्रधान शिक्षक 7 सहायक शिक्षक, नवाबगंज में तीन प्रधान शिक्षक और 8 सहायक शिक्षक का चयन किया गया है। जबकि गंज मुरादाबाद, फतेहपुर 84, बांगरमऊ, बीघापुर, सुमेरपुर, हिलोली, पुरवा में प्रधान शिक्षक का चयन नहीं हो पाया है। नियमानुसार प्रत्येक इंग्लिश मीडियम विद्यालय में 100 छात्रों पर 4 टीचर और 125 पर 5 टीचर की तैनाती होनी है। बीते दिनों कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल हाल में आइए इंग्लिश मीडियम स्कूलों पर हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा था कि शिक्षक इंग्लिश मीडियम स्कूलों को कुछ ऐसा बनाएं जिसमें अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ा कर गर्व महसूस करें और वह समाज में कहें कि हमारा बेटा इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहा है। परंतु शासन प्रशासन की मंशा कागजों पर ही सिमट कर रह गई । अपने शिक्षकों के बीच से इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए विभाग शिक्षकों का चयन नहीं कर पा रहा है।
Published on:
05 Apr 2018 01:24 pm
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