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प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ का डबल इंजन सरकार से की बड़ी मांग

प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने देश व प्रदेश में इसलिए नहीं बनाई थी डबल इंजन की सरकार कि उन्हें ही चोट पहुंचे, पौने दो लाख शिक्षामित्र का भविष्य अंधकार में, 1000 से ज्यादा शिक्षक अकाल मौत के बने ग्रास

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प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने देश व प्रदेश में इसलिए नहीं बनाई थी डबल इंजन की सरकार कि उन्हें ही चोट पहुंचे, पौने दो लाख शिक्षामित्र का भविष्य अंधकार में, 1000 से ज्यादा शिक्षक अकाल मौत के बने ग्रास

प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ का डबल इंजन सरकार से की बड़ी मांग

उन्नाव. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ देश व प्रदेश सरकार से पूरी तरह निराश हो चुका है। शिक्षामित्रों का मानना है कि देश व प्रदेश के डबल इंजन सरकार शिक्षामित्रों के लिए ठोस उपाय करें। जिससे की पौने दो लाख शिक्षामित्रों के ऊपर मंडरा रहे संशय के बादल खत्म हो। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने बताया कि विभिन्न उपायों के बाद भी लगभग पौने दो लाख शिक्षामित्र आज भी संशय के कटघरे में खड़ा है। वहीं शिक्षामित्रों का मानना है कि शिक्षा मित्र आज उत्तर प्रदेश सरकार के दया के पात्र के रूप में खड़ा महसूस कर रहा है जो ना तो सरकार से लड़ सकता है और ना ही अपनी बात मनवाने में सफल हो रहा है।

डबल इंजन की सरकार उन्होंने बनवाई कि सरकार उनके हित में कार्य करेगी

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने बताया कि सरकार कुछ ऐसा उपाय करें। जिससे शिक्षामित्रों का सम्मान बना रहे और उन्हें जीवन यापन के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि इस समय 69000 शिक्षकों की भर्ती हो रही है जिसमें काफी शिक्षक सफल हो चुके हैं। उन्हें अभी एक परीक्षा और देनी है। पिछली परीक्षा में 7 - 8000 शिक्षामित्र सफल हुए थे। इस बार की परीक्षा में भी ज्यादा उम्मीद नहीं है। ऐसे में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षामित्रों के लिए भविष्य के रास्ते बंद हो गए हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार से उन्होंने मांग की कि इन शिक्षामित्रों के लिए कोई अस्थाई व्यवस्था की जाए। उन्होंने मांग की की ऐसे शिक्षामित्रों के लिए 62 साल और ₹30 - 35000 प्रति मंथ की व्यवस्था की जाए। पत्रिका से खास बातचीत में प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने कहा